आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुंबई की एक अदालत ने 2016 में दो स्कूल शिक्षकों के साथ मारपीट के मामले में शहर की महापौर रितू तावडे को आरोपमुक्त करने से इनकार करते हुए कहा कि पीड़ितों के बयान उनके खिलाफ ‘‘आरोप तय करने’’ के लिए पर्याप्त हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वाई. पी. मनाठकर ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि अन्य गवाहों ने भी कहा है कि तावडे ने शिक्षकों के साथ मारपीट की थी।
यह घटना 29 जुलाई 2016 को वाकोला इलाके में नगर निकाय के उर्दू माध्यम के एक स्कूल में हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, विवाद कथित रूप से कैंसर से जूझ रही एक महिला शिक्षक के ‘‘अचानक तबादले’’ को लेकर शुरू हुआ था।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि तावडे छह अन्य लोगों के साथ स्कूल में कथित तौर पर दाखिल हुईं और कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद उस शिक्षिका के तबादले को लेकर प्रबंधन के साथ तीखी बहस की।
पुलिस ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने प्रबंधन के खिलाफ अपशब्द कहने शुरू कर दिए और दो स्कूल शिक्षकों के साथ मारपीट की।
इस मामले में 11 अगस्त, 2016 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी और बचाव पक्ष ने इसमें 13 दिन की देरी पर सवाल उठा थे।