Kharge bids farewell to retiring Rajya Sabha members, demands review of House rules
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को विदाई दी और सदन की कार्यवाही के नियमों की समय-समय पर समीक्षा की आवश्यकता जताई।
खरगे ने कहा कि सदन में अधिक बैठकें होनी चाहिए ताकि सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जा सके। उन्होंने विधेयक तैयार करने में विपक्षी सदस्यों की अधिक भागीदारी की भी वकालत करते हुए कहा कि यदि इसमें बाधा आए, तो संसद की संस्थागत शक्ति कमजोर होगी।
उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष ने कहा ‘‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि राज्यसभा के नियमों की समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। यह मामला वर्तमान में सामान्य प्रयोजन समिति (जीपीसी) के समक्ष विचाराधीन है और इस पर गंभीर रूप से विचार करने की आवश्यकता है।’’
खरगे स्वयं सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उन्हें अगला कार्यकाल मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति में लोग कभी सार्वजनिक जीवन से सेवानिवृत्त नहीं होते, और न ही देश सेवा के अपने उत्साह में कभी थकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि संस्थाएं स्थायी होती हैं, जबकि उनमें कार्यरत लोगों के चेहरे बदलते रहते हैं। ‘‘जिन सहयोगियों का पुनः निर्वाचन हुआ है, उनका हम स्वागत करते हैं। और जो सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं, मुझे विश्वास है कि वे भविष्य में भी सार्वजनिक जीवन में सार्थक योगदान देंगे। यहां प्राप्त अनुभव उन्हें और भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाने में सक्षम बनाएगा।’’
सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन के बाद अपनी बात रख रहे खरगे ने कहा कि उन्होंने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए हमेशा सभी पक्षों के विचार सुनने का प्रयास किया और रचनात्मक सुझावों को लागू करने की कोशिश की।