चेन्नई (तमिलनाडु)
'जेम' ग्रेनाइट के उद्योगपति वीरमणि से जुड़े POCSO मामले की जांच के बीच, तमिलनाडु पुलिस फरार व्यवसायी एन. प्रकाश का पासपोर्ट फ्रीज (रद्द/जब्त) कराने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने एक प्रेस बयान में कहा, "प्रकाश नाम का एक व्यक्ति, जिसने अपराधों को छिपाने में वीरमणि की मदद की थी, देश छोड़कर भाग गया है। इसलिए, उसका पासपोर्ट जब्त/फ्रीज करने और उसे विदेश से वापस भारत लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।" पुलिस ने बताया कि वीरमणि से जुड़े मामलों के आरोपियों को विदेश भागने से रोकने के लिए एक 'लुक आउट सर्कुलर' (LOC) जारी किया गया है। अब तक मुख्य आरोपी वीरमणि समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे पुझल सेंट्रल जेल में बंद हैं। वीरमणि और अन्य लोगों के खिलाफ अब तक POCSO एक्ट के तहत आठ मामले दर्ज किए गए हैं।
इससे पहले 28 अक्टूबर को, पुलिस ने वीरमणि को तीन मामलों में, और शांति, महेंद्र सिम्हन तथा लाजर को एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि कोनातुर में आरोपी गणेश के ठिकानों पर तलाशी ली गई और मामलों से जुड़े अहम सबूत जब्त किए गए हैं। आगे की जांच चल रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब एक पेन ड्राइव मिली, जिसमें यौन अपराधों के वीडियो थे। इसके बाद वीरमणि को हिरासत में लिया गया। मामले की जांच के लिए तमिलनाडु के DGP/HoPF के आदेश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने बताया कि अक्टूबर में, POCSO मामले में गिरफ्तार किए गए आर. वीरमणि और दो अन्य लोगों - शांति तथा महेंद्र सिम्हन - के खिलाफ 'गुंडा एक्ट' (Goondas Act) भी लगाया गया है।