कालाकोट के सरकारी स्कूल में आधुनिक सुविधाओं से जगी उम्मीद, उच्च शिक्षा की मांग जारी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 02-11-2026
JK: Modern infrastructure brings hope to students in Kalakote govt school; locals urge higher education facilities
JK: Modern infrastructure brings hope to students in Kalakote govt school; locals urge higher education facilities

 

राजौरी (जम्मू और कश्मीर) 
 
जम्मू और कश्मीर के राजौरी जिले के पहाड़ी इलाकों में शैक्षिक बुनियादी ढांचे को एक बड़ा बढ़ावा मिल रहा है। कालाकोट ज़ोन के गवर्नमेंट हाई स्कूल टट्टा पानी में एक नई स्कूल इमारत का निर्माण कार्य पूरा होने के करीब है। स्कूल समुदाय, छात्रों और शिक्षकों ने बताया कि इस विकास कार्य से छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों के बीच खुशी और उम्मीद की लहर दौड़ गई है। ये सभी लोग लंबे समय से स्कूल के अपर्याप्त और असुरक्षित बुनियादी ढांचे के कारण काफी परेशानियों का सामना कर रहे थे।
 
स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि 2025 में आए एक भीषण तूफान और तेज हवाओं के कारण पुरानी स्कूल इमारत को भारी नुकसान पहुंचा था। तूफान में स्कूल की छत उड़ गई थी, जिससे यह इमारत नियमित पढ़ाई-लिखाई के लिए अनुपयुक्त हो गई थी। इस घटना के बाद छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और उन्हें खुले आसमान के नीचे कक्षाएं लगानी पड़ीं। पुरानी इमारत के बचे हुए हिस्से भी असुरक्षित थे, जिससे छात्रों और शिक्षकों की मुश्किलें और बढ़ गईं। इस स्थिति और इलाके की शैक्षिक जरूरतों को देखते हुए, सरकार ने 'समग्र शिक्षा' योजना के तहत एक नई स्कूल इमारत का निर्माण शुरू कराया। यह परियोजना लोक निर्माण विभाग (PWD) की देखरेख में पूरी की जा रही है और अब अपने अंतिम चरण में है।
 
नई बनी इमारत आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर सुविधाओं से लैस है, जिसमें छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह है। इसके पूरा होने से एक सुरक्षित, आरामदायक और छात्रों के अनुकूल सीखने का माहौल मिलेगा, जो विशेष रूप से इस दूरदराज के इलाके के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बहुत मददगार होगा। गवर्नमेंट हाई स्कूल टट्टा पानी का विशेष महत्व है, क्योंकि यहाँ आस-पास के कई छोटे स्कूलों और दूर-दराज के गांवों के छात्र पढ़ने आते हैं। यह इलाका मुख्य रूप से पहाड़ी और भौगोलिक रूप से काफी दूर है, जहाँ कोई निजी स्कूल भी मौजूद नहीं है। इस वजह से, दूर के गांवों के छात्र अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए पूरी तरह से इसी सरकारी स्कूल पर निर्भर हैं।
 
हालांकि नई इमारत बनने से काफी राहत मिली है, लेकिन छात्रों और स्थानीय निवासियों ने एक और अहम मांग रखी है—गवर्नमेंट हाई स्कूल टट्टा पानी को 'हाई स्कूल' स्तर से अपग्रेड करके 'हायर सेकेंडरी' स्तर का बनाया जाए। फिलहाल, 10वीं कक्षा पास करने के बाद छात्रों को हायर सेकेंडरी की पढ़ाई के लिए कालाकोट या राजौरी जाना पड़ता है। कई परिवारों के लिए, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आने वालों के लिए, इतनी लंबी दूरी तक आने-जाने का खर्च उठाना और रोज़ाना सफर करना बहुत मुश्किल होता है। इस स्थिति के कारण कुछ छात्रों को अपनी पढ़ाई भी छोड़नी पड़ जाती है।
 
छात्राओं के लिए यह समस्या और भी बड़ी है, क्योंकि कई माता-पिता परिवहन, सुरक्षा और आर्थिक चिंताओं के कारण अपनी बेटियों को आगे की पढ़ाई के लिए दूर भेजने से हिचकिचाते हैं। नतीजतन, कई होनहार छात्र 10वीं कक्षा के बाद अपनी पढ़ाई जारी रखने का मौका खो सकते हैं। एक शिक्षक ने संस्थान के विस्तार की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि छात्रों ने सरकार और शिक्षा विभाग से अपनी इस जायज मांग पर विचार करने और संस्थान को उच्च माध्यमिक (हायर सेकेंडरी) स्तर तक अपग्रेड करने की अपील की है। शिक्षकों का मानना ​​है कि 11वीं और 12वीं कक्षाएं शुरू करना बहुत जरूरी है। उनका कहना है कि अगर स्कूल परिसर में ही 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की सुविधा मिल जाए, तो इससे तत्ता पानी और आसपास के दूर-दराज के गांवों के छात्रों को बहुत फायदा होगा। इससे स्कूल छोड़ने वालों की संख्या कम होगी और ज्यादा लड़कियां उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ा सकेंगी।
 
नई स्कूल इमारत का लगभग पूरा हो जाना, इस सुदूर इलाके में शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, छात्रों और स्थानीय निवासियों का मानना ​​है कि संस्थान को उच्च माध्यमिक स्तर तक अपग्रेड करना, कालाकोट की दूर-दराज की पहाड़ियों में रहने वाले बच्चों के लिए सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम होगा। इस नई सुविधा के भावनात्मक और शैक्षिक महत्व को रेखांकित करते हुए, शिक्षक ने कहा कि इन छात्रों के लिए नई स्कूल इमारत सिर्फ एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह उनके बेहतर शैक्षिक भविष्य के लिए एक नई उम्मीद है।