आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रस्तावित भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) को जल्द अंतिम रूप दिए जाने की बृहस्पतिवार को वकालत करते हुए कहा कि इससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध ‘‘नई ऊंचाई’’ पर पहुंचेंगे।
व्यापार मंच को संबोधित करते हुए मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत में निवेश के लिए भी आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि भारत विमानन, वित्तीय सेवाओं, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में वृद्धि के लिए ‘‘बेजोड़ अवसर’’ प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री तीन दिवसीय यात्रा पर बुधवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा, ऊर्जा और व्यापार संबंधों को मजबूत करना है।
मोदी ने मेलबर्न में ‘ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम’ और ‘इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस’ कार्यक्रम को अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ संयुक्त रूप से संबोधित किया।
दोनों कार्यक्रमों में कारोबार जगत के दिग्गजों, ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सुपरएन्युएशन फंड और संस्थागत निवेशकों के प्रतिनिधियों तथा ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया।
मोदी ने ऑस्ट्रेलियनसुपर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पॉल श्रोडर द्वारा कंपनी की ओर से भारत में 50 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश की घोषणा का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ यह भारत की वृद्धि तथा सुधारों की दिशा में वैश्विक विश्वास की एक और झलक है। यह हमारी गतिशील अर्थव्यवस्था द्वारा वैश्विक निवेशकों को उपलब्ध कराए जा रहे अपार अवसरों को भी दर्शाता है।’’
कंपनी के अनुसार, ऑस्ट्रेलियनसुपर ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा ‘सुपर फंड’ है और यह 36 लाख से अधिक लोगों की सेवानिवृत्ति बचत के रूप में 41,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करता है।