उच्चतम न्यायालय ने ‘उम्मीद’ वक्फ पोर्टल में खामियों के आरोपों से जुड़ी याचिका खारिज की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-01-2026
Supreme Court dismisses plea alleging flaws in 'Umeed' Waqf portal
Supreme Court dismisses plea alleging flaws in 'Umeed' Waqf portal

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक वक्फ मुतवल्ली द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें केंद्र के वक्फ संपत्तियों के विवरण अपलोड करने के लिए बनाए गए ‘उम्मीद’ पोर्टल में तकनीकी और संरचनात्मक खामियों का आरोप लगाया गया था।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए पाया कि उठाए गए मुद्दे मुख्यतः प्रशासनिक प्रकृति के थे।
 
पीठ ने हालांकि याचिकाकर्ता हशमत अली, जो एक वक्फ के मुतवल्ली (वक्फ संपत्तियों की देखरेख करने वाले) हैं, को शिकायतों के निवारण के लिए उचित अधिकारियों से संपर्क करने की स्वतंत्रता प्रदान की।
 
प्रधान न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा, “हमें इस रिट याचिका पर विचार करने का कोई आधार नहीं दिखता। याचिकाकर्ता को सलाह दी जाती है कि वह स्पष्टीकरण या शिकायतों के निवारण के लिए निर्धारित प्राधिकारी से संपर्क करें, जिसके लिए उन्हें यह स्वतंत्रता दी गई है।”
 
शुरुआत में ही प्रधान न्यायाधीश ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इसे सीधे उच्चतम न्यायालय में क्यों दायर किया गया। प्रधान न्यायाधीश ने पूछा, ‘‘आपने उच्च न्यायालय का रुख क्यों नहीं किया?’’
 
अली की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा इस मामले पर विचार किये जाने की संभावना नहीं है, क्योंकि वक्फ कानून में 2025 के संशोधनों को चुनौती देने वाले मामले पहले से ही उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं।