जावेद अख्तर का जन्मदिन: शब्दों के जादूगर, जिनकी किताबों में बसती है जिंदगी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-01-2026
Javed Akhtar's birthday: The magician of words, whose books bring life to life
Javed Akhtar's birthday: The magician of words, whose books bring life to life

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

हिंदी सिनेमा और उर्दू शायरी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले मशहूर गीतकार, पटकथा लेखक और कवि जावेद अख्तर आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। जावेद अख्तर सिर्फ फिल्मों के गीतकार ही नहीं हैं, बल्कि ऐसे लेखक भी हैं, जिनकी किताबें समाज, इंसान, रिश्तों और सोच को गहराई से छूती हैं। उनकी लेखनी सरल होते हुए भी असरदार है, जो सीधे दिल तक पहुंचती है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। मुंबई आने के बाद उन्होंने काफी समय तक गरीबी और असफलता का सामना किया, लेकिन शब्दों पर भरोसा बनाए रखा। यही भरोसा उन्हें सलीम-जावेद की जोड़ी से लेकर हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े नामों में शामिल कर गया।
 
 
कविता और विचारों की किताबें

जावेद अख्तर ने ज्यादातर किताबें कविता, शायरी और विचारों पर लिखी हैं। उनकी रचनाओं में प्यार, समाज, राजनीति, धर्म, इंसान की सोच और आत्मसम्मान जैसे विषय साफ नजर आते हैं। वह अपनी किताबों में सवाल भी उठाते हैं और पाठकों को सोचने पर मजबूर भी करते हैं।
 
 
शायरी का आईना

जावेद अख्तर की सबसे चर्चित किताबों में “तरकश” शामिल है। यह शायरी संग्रह है, जिसमें उनकी शुरुआती और बेबाक कविताएं हैं। इस किताब में समाज की सच्चाइयों, इंसान की मजबूरियों और रिश्तों की कड़वाहट को बेहद सरल शब्दों में बयान किया गया है। यह किताब युवाओं के बीच खास तौर पर लोकप्रिय रही है।
 
 
“लावा” – सोच को झकझोरने वाली रचनाएं

“लावा” भी उनकी एक चर्चित शायरी पुस्तक है। इस किताब में जावेद अख्तर की लेखनी और ज्यादा तीखी नजर आती है। इसमें सामाजिक भेदभाव, नफरत, डर और सत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। यह किताब उन लोगों के लिए है, जो शब्दों के जरिए सच्चाई को समझना चाहते हैं।
 
 
“Talking Songs” और फिल्मों की समझ

जावेद अख्तर ने फिल्मों और गीतों को लेकर भी लिखा है। “Talking Songs” जैसी किताबों में उन्होंने फिल्मी गीतों की रचना प्रक्रिया, उनके अर्थ और प्रभाव को समझाया है। इन किताबों का प्लॉट सिनेमा, गीत और रचनात्मक सोच के इर्द-गिर्द घूमता है।
 
किस तरह की किताबें लिखते हैं जावेद अख्तर

जावेद अख्तर की किताबें मुख्य रूप से

शायरी और कविता
सामाजिक और राजनीतिक विचार
इंसान की मानसिकता और भावनाएं
 

सिनेमा और गीत लेखन

जैसे विषयों पर आधारित होती हैं। उनकी लेखनी न तो भारी-भरकम होती है और न ही उलझाने वाली, बल्कि आम भाषा में गहरी बात कह जाती है।
 
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

आज भी जावेद अख्तर की किताबें और कविताएं नई पीढ़ी को सोचने, सवाल करने और अपनी बात रखने की प्रेरणा देती हैं। उनका मानना है कि साहित्य का काम सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाना भी है।
 

जन्मदिन के मौके पर जावेद अख्तर को चाहने वाले यही कहते हैं कि उनके शब्द आने वाले समय में भी लोगों को जागरूक करते रहेंगे और उनकी किताबें हमेशा पढ़ी जाती रहेंगी।