भारत-जापान साझेदारी में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम घटाने की अपार क्षमता: जयशंकर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-01-2026
India-Japan partnership has immense potential to reduce risks to the global economy: Jaishankar
India-Japan partnership has immense potential to reduce risks to the global economy: Jaishankar

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारत और जापान ने व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा और उच्च प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर शुक्रवार को सहमति जताई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच साझेदारी में वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष मौजूद जोखिमों को कम करने की अपार क्षमता है।
 
जयशंकर ने यहां जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के साथ 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता में हिस्सा लेने के बाद यह टिप्पणी की। वार्ता में दोनों पक्ष महत्वपूर्ण खनिजों पर एक संयुक्त कार्य समूह और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर एक संवाद तंत्र स्थापित करने पर सहमत हुए।
 
जयशंकर के साथ बातचीत से पहले मोतेगी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।
 
विदेश मंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “हमारे बीच विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी में लगातार प्रगति हो रही है और इसमें विश्व व्यवस्था को आकार देने तथा अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के समक्ष मौजूद जोखिमों को कम करने की अपार क्षमता है।”
 
उन्होंने कहा कि आपूर्ति शृंखला, महत्वपूर्ण खनिजों, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा दोनों पक्षों के बीच “साझा हितों” की सूचक है।
 
जयशंकर ने कहा, “हिंद-प्रशांत क्षेत्र और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ।”
 
जापान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तोशिहिरो कितामुरा ने कहा कि जयशंकर और मोतेगी ने अपने विचारों को एकमत करने के लिए विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया और क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) के महत्व पर जोर दिया।
 
कितापुरा ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया और दोनों पक्ष महत्वपूर्ण खनिजों पर एक संयुक्त कार्य समूह स्थापित करने पर सहमत हुए।