नौकरी के लिए जरूरी कौशल स्थायी नहीं होते: नोबेल पुरस्कार विजेता एस्थर डुफ्लो

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-01-2026
Job skills are not permanent: Nobel laureate Esther Duflo
Job skills are not permanent: Nobel laureate Esther Duflo

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के बीच नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री एस्थर डुफ्लो ने कॉलेज शिक्षा के ढांचे पर पुनर्विचार का शुक्रवार को आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को व्यावसायिक प्रशिक्षण पर कम और छात्रों को तेजी से बदलती दुनिया में खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए तैयार करने पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
 
जयपुर में 19वें जयपुर साहित्य महोत्सव (जेएलएफ) में डुफ्लो ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी से हो बदलावों पर अपने विचार जाहिर किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उच्च शिक्षा को केवल नौकरी के लिए तैयार स्नातकों की फौज खड़ी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मानविकी में एक मजबूत आधार प्रदान करना चाहिए, जो तकनीकी विषय की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए भी एक आवश्यक घटक है।
 
डुफ्लो ने कहा, “परिदृश्य इतनी तेजी से बदल रहा है कि आप किसी व्यक्ति को जो विशिष्ट कौशल सिखा रहे हैं, वह उसकी पढ़ाई पूरी होने तक अप्रचलित होने की कगार पर पहुंच जाएगा और उसके नौकरी की तलाश शुरू करने तक निश्चित रूप से अप्रचलित हो जाएगा। हमें कॉलेज शिक्षा के ढांचे पर इस तरह से पुनर्विचार करना होगा कि यह छात्रों को तेजी से बदलती दुनिया में खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए तैयार कर सके।”
 
उन्होंने कहा, “...मेरे विचार से इसका मतलब यह है-जिसमें कुछ हद तक स्वार्थ भी झलक सकता है-कि कॉलेज शिक्षा में मानविकी की मजबूत पृष्ठभूमि को समाहित किया जाना चाहिए, जिसमें लिखने की क्षमता, सोचने की क्षमता और अपने लिए निर्णय लेने की क्षमता शामिल है।”
 
जेएलएफ में डुफ्लो (53) ने अपनी बेस्टसेलर पुस्तक ‘पुअर इकोनॉमिक्स: रीथिंकिंग पॉवर्टी एंड द वेज टू एंड इट’ का एक नया विस्तारित संस्करण पेश किया। उन्होंने यह पुस्तक अपने पति और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी के साथ मिलकर लिखी है।