आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सुजीत कलकल की शानदार लय, अंतिम पंघाल की वापसी की कोशिश और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत की एशियाई खेलों में वापसी भारतीय कुश्ती अभियान के प्रमुख आकर्षण होंगे लेकिन मुश्किल ड्रॉ के कारण तीनों पहलवानों के लिए पदक की राह चुनौतीपूर्ण होगी।
कुश्ती प्रतियोगिता में प्रत्येक भार वर्ग के मुकाबले एक ही दिन होंगे। यानी क्वालीफिकेशन, सेमीफाइनल और पदक मुकाबले उसी दिन आयोजित किए जाएंगे।
तेईस वर्षीय सुजीत 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में भारत की सबसे शानदार फॉर्म वाले पहलवान के रूप में जापान पहुंचे हैं। अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत ने 2026 में एशियाई चैंपियनशिप के अलावा जाग्रेब ओपन और मुहामेत मालो रैंकिंग सीरीज में स्वर्ण पदक जीते हैं।
वह जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका के ड्रॉ के उसी हिस्से में हैं। संभावित क्वार्टर फाइनल में उनका सामना ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेह से और सेमीफाइनल में कियोका से हो सकता है, बशर्ते दोनों अपने शुरुआती मुकाबले जीतें।
पिछले एक साल में सुजीत ने इस भार वर्ग के शीर्ष पहलवानों में अपनी जगह बनाई है, लेकिन कियोका को अपने घरेलू मैदान पर खेलने का अतिरिक्त फायदा मिलेगा। सुजीत की गति और आक्रामक शैली की परीक्षा उस पहलवान के खिलाफ होगी, जिसने बड़े फाइनल के दबाव को झेलने की क्षमता पहले ही साबित की है।