जामिया ग्रीनमेट्रिक रैंकिंग: दिल्ली की इस यूनिवर्सिटी ने गाड़े झंडे

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 29-09-2026
Jamia GreenMetric Ranking: This Delhi university achieves a major milestone.
Jamia GreenMetric Ranking: This Delhi university achieves a major milestone.

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित 'यूआई ग्रीनमेट्रिक वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026' में जामिया ने दुनियाभर में 334वां स्थान पाया है। पिछले साल यानी 2025 में विश्वविद्यालय इस सूची में 376वें स्थान पर था। इस तरह जामिया ने विश्व रैंकिंग में 42 पायदानों की लंबी छलांग लगाई है।

राष्ट्रीय और एशियाई स्तर पर भी विश्वविद्यालय का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। भारत के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में जामिया को 13वां स्थान मिला है। पूरे एशिया महाद्वीप की बात करें तो विश्वविद्यालय 192वें पायदान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि बताती है कि जामिया कैंपस को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण के अनुकूल नीतियां लागू करने में लगातार आगे बढ़ रहा है।
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क्या है यूआई ग्रीनमेट्रिक वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग?

यूआई ग्रीनमेट्रिक वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एक अंतरराष्ट्रीय रेटिंग प्रणाली है। इसकी शुरुआत इंडोनेशिया विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटास इंडोनेशिया) ने की थी। यह संस्था दुनियाभर के विश्वविद्यालयों को उनके हरित आवरण, ऊर्जा संरक्षण, जल प्रबंधन, अपशिष्ट निस्तारण और पर्यावरण से जुड़ी शिक्षा के आधार पर परखती है।

वर्ष 2026 की सूची जारी करने से पहले दुनिया के सैकड़ों उच्च शिक्षण संस्थानों का गहन अध्ययन किया गया। इसमें देखा गया कि कौन सा कैंपस प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल कितनी समझदारी से कर रहा है और वहां कचरे के निपटारे के क्या इंतजाम हैं।

कुलपति ने दी पूरे जामिया परिवार को बधाई
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ ने इस शानदार सफलता पर बेहद खुशी जताई है। उन्होंने इसके लिए शिक्षकों, शोधकर्ताओं, छात्रों, पूर्व छात्रों और कर्मचारियों को बधाई दी है।

प्रोफेसर मजहर आसिफ का कहना है कि यह उपलब्धि केवल एक रैंक नहीं है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रमाण है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में जामिया इस दिशा में और बेहतर काम करेगा और नए मुकाम हासिल करेगा।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने भी इस दिन को पूरे संस्थान के लिए गर्व का मौका बताया। उन्होंने कहा कि सभी के मिले-जुले प्रयासों से ही जामिया की वैश्विक साख मजबूत हुई है।

आईक्यूएसी टीम की मेहनत लाई रंग

जामिया की इस सफलता के पीछे 'इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल' (IQAC) का बड़ा हाथ रहा है। आईक्यूएसी की निदेशक प्रोफेसर रफत परवीन और उनकी टीम ने इस पूरे अभियान की अगुवाई की।

संस्थान के आंकड़ों को बेहतर ढंग से पेश करने, पर्यावरण से जुड़े सबूत जुटाने और कैंपस की नई पहलों को सही तरीके से दर्ज करने में इस सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी सटीक डेटा प्रबंधन की बदौलत जामिया को रैंकिंग प्रणाली में अच्छे अंक मिले।

ग्रीन कैंपस बनाने में सभी विभागों का सहयोग

यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति या विभाग के प्रयास का नतीजा नहीं है। विश्वविद्यालय के अलग-अलग संकायों, केंद्रों, विभागों और प्रशासनिक इकाइयों ने मिलकर कैंपस को पर्यावरण के अनुकूल बनाया है।

जामिया परिसर में ऊर्जा की बचत के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाया गया है। इसके अलावा जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग), कचरे के रीसायकल और हरियाली बढ़ाने के लिए पौधे लगाने जैसे कदम नियमित रूप से उठाए जा रहे हैं। छात्रों और शोधकर्ताओं ने भी अपने स्तर पर कई हरित अभियानों में हिस्सा लिया है।

वैश्विक मंच पर बढ़ रही भारतीय संस्थानों की धक

विश्व स्तर पर 334वां, भारत में 13वां और एशिया में 192वां स्थान हासिल करके जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय विश्वविद्यालय अब केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं। वे पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी उतनी ही गंभीरता से ले रहे हैं।

हरा-भरा वातावरण न केवल छात्रों को बेहतर माहौल देता है बल्कि भविष्य के लिए एक सकारात्मक संदेश भी छोड़ता है। जामिया का यह सफर आगे भी जारी रहेगा और उम्मीद है कि आने वाले समय में यह टॉप 300 की सूची में अपनी जगह बनाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. यूआई ग्रीनमेट्रिक वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में जामिया को कौन सी रैंक मिली है?

जामिया मिल्लिया इस्लामिया को दुनियाभर में 334वीं रैंक मिली है।

2. भारत और एशिया में जामिया का क्या स्थान रहा?

भारत में जामिया को 13वां और एशिया महाद्वीप में 192वां स्थान हासिल हुआ है।

3. पिछले साल के मुकाबले रैंकिंग में कितना सुधार हुआ है?

वर्ष 2025 में जामिया 376वें स्थान पर था, यानी इस बार उसने 42 स्थानों का सुधार किया है।

4. ग्रीनमेट्रिक रैंकिंग किस आधार पर दी जाती है?

यह रैंकिंग कैंपस की हरियाली, ऊर्जा बचत, पानी के सही इस्तेमाल, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण शिक्षा के आधार पर तय होती है।