SpaceX की लिस्टिंग AI कंपनियों के आने वाले बड़े IPOs के लिए एक टेस्ट है

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 12-06-2026
SpaceX listing a test for upcoming big-ticket IPOs of AI companies
SpaceX listing a test for upcoming big-ticket IPOs of AI companies

 

टेक्सास [US]
 
SpaceX की बड़ी स्टॉक मार्केट लिस्टिंग पर सबकी नज़रें होंगी। इससे पता चलेगा कि इस साल के आखिर में पब्लिक होने वाली दो बड़ी AI कंपनियों में इन्वेस्टर्स की कितनी दिलचस्पी है। AI टेक्नोलॉजी को लेकर मची धूम के बीच Anthropic और OpenAI, दोनों ने स्टॉक मार्केट में आने के लिए गुपचुप तरीके से अर्ज़ी दी है। AI सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में ज़बरदस्त उछाल आया है, जिससे उनमें से कुछ कंपनियाँ 'ट्रिलियन-डॉलर क्लब' (एक ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा वैल्यू वाली कंपनियों का ग्रुप) में शामिल हो गई हैं।
 
SpaceX ने अपने IPO से रिकॉर्ड 75 अरब डॉलर जुटाए, जिसमें शेयर की कीमत 135 डॉलर तय की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस IPO में रिटेल इन्वेस्टर्स के साथ-साथ बड़े एसेट मैनेजर, फैमिली ऑफिस और ज़्यादा नेटवर्थ वाले लोगों ने भी दिलचस्पी दिखाई। WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, Blackrock ने 5 अरब डॉलर के शेयर खरीदने का ऑर्डर दिया। SpaceX का IPO अब तक का सबसे बड़ा IPO बन गया है, जिससे कंपनी की वैल्यू 1.77 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। शुक्रवार को शेयरों की लिस्टिंग होते ही इसके मालिक एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनियर बन जाएँगे।
 
आमतौर पर जितना हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स को दिया जाता है, उससे कहीं ज़्यादा हिस्सा SpaceX के शेयरों का उन्हें दिया जाएगा, क्योंकि मस्क अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने बहुत सारे फ़ैन्स पर भरोसा करते हैं। कंपनी की वैल्यूएशन को लेकर चिंताएँ भी जताई गई हैं, क्योंकि कंपनी अभी भी मुनाफ़े में नहीं है; पिछले साल उसे 5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और रेवेन्यू 18 अरब डॉलर रहा। एक्सचेंजों पर यह साबित करने का दबाव होगा कि वे बड़े ऑर्डर वॉल्यूम वाली बड़ी लिस्टिंग को संभाल सकते हैं और 2012 में Facebook की लिस्टिंग के दौरान हुई गड़बड़ियों जैसी स्थिति से बच सकते हैं।
 
SpaceX से मिली 75 अरब डॉलर की रकम पिछले रिकॉर्ड होल्डर Aramco से दोगुनी से भी ज़्यादा है। इस IPO ने रॉकेट, सैटेलाइट और AI कंपनी को US की पहली ट्रिलियन-डॉलर की लिस्टिंग वाली कंपनी और मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के हिसाब से सातवीं सबसे बड़ी US कंपनी बना दिया है। मस्क ने IPO के लिए तय कीमत (फ़िक्स्ड प्राइस) रखकर IPO के आम तौर-तरीकों को बदल दिया; उन्होंने शेयर की कीमतों के लिए कोई रेंज नहीं दी, जैसा कि आमतौर पर होता है। उन्होंने अपनी पेशकश के लिए रेंज के बजाय तय कीमत चुनी, जो मस्क का आत्मविश्वास दिखाता है। AI शेयरों में हालिया तेज़ी ने SpaceX के शेयरों के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं, जबकि मस्क ऑर्बिट में डेटा सेंटर बनाकर अपने AI साम्राज्य को अंतरिक्ष तक ले जाने का लक्ष्य बना रहे हैं।