राम मंदिर दान में गबन के मामले में एसआईटी सोमवार को अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-07-2026
SIT to submit interim report on Ram Temple donation embezzlement case on Monday
SIT to submit interim report on Ram Temple donation embezzlement case on Monday

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
अयोध्या में राम मंदिर में दान के कथित गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को सीधे शीर्ष अदालत को अंतरिम रिपोर्ट सौंप सकती है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह बात कही।

सूत्रों ने यह भी कहा कि एसआईटी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्राप्त दान से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को अंतिम रूप देने के लिए राज्य सरकार से अतरिक्त समय मांग सकती है।
 
यह घटनाक्रम कथित दान गबन की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय द्वारा सुनवाई किए जाने के कुछ दिन बाद हुआ है, जिसमें एसआईटी को जांच के संबंध में स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
 
तीन सदस्यीय एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं। इसका गठन 13 जून को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया था। शुरुआत में इसे जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था और बाद में 15 दिन का समय और दे दिया गया था।
 
एसआईटी द्वारा 23 जून को राज्य सरकार को सौंपी गई नौ पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद प्राथमिकी दर्ज करने, आठ आरोपियों की गिरफ्तारी, मंदिर के दान से कथित तौर पर निकाली गई नकदी की बरामदगी और पूर्व ट्रस्ट महासचिव चंपत राय तथा पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे जैसे घटनाक्रम हुए।
 
अंतिम रिपोर्ट में मंदिर के प्रशासन और दान-गणना प्रणाली में सुधारों की सिफारिश किए जाने की उम्मीद है, जिसके निष्कर्षों और संभावित सुधारात्मक उपायों पर चर्चा के लिए ट्रस्ट 22 जुलाई को अयोध्या में बैठक करेगा।
 
उच्चतम न्यायालय उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और ट्रस्ट के वित्तीय मामलों का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट कराने की मांग की गई है।
 
याचिकाकर्ताओं ने प्राथमिकी दर्ज करने से पहले एसआईटी द्वारा जांच शुरू किए जाने के तरीके पर भी सवाल उठाया है और कथित गबन की समयबद्ध जांच की मांग की है।