Siddaramaiah का बजट बचाव: वित्तीय अनुशासन के साथ कल्याण और विकास पर जोर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-03-2026
Siddaramaiah's Budget defence: Emphasis on welfare and growth with fiscal discipline
Siddaramaiah's Budget defence: Emphasis on welfare and growth with fiscal discipline

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
Siddaramaiah ने बुधवार को विधानसभा में अपने 17वें बजट का बचाव करते हुए साफ कहा कि उनकी सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और साथ ही कल्याणकारी योजनाओं व विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक करार देते हुए कहा कि बजट को लेकर जो भी आलोचना की जा रही है, वह तथ्य से ज्यादा राजनीति पर आधारित है।
 
लगभग 24 घंटे 45 मिनट तक चली बजट बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा लिया गया कर्ज निर्धारित सीमाओं के भीतर है और विकास कार्यों के लिए यह जरूरी भी है। उनके मुताबिक, 4,48,004 करोड़ रुपये के कुल बजट आकार के मुकाबले 1.32 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेना किसी भी तरह से “कर्ज आधारित बजट” नहीं कहा जा सकता।
 
सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि बिना उधार के कोई भी राज्य या देश नहीं चल सकता। उन्होंने बताया कि कर्नाटक का कुल कर्ज 8.24 लाख करोड़ रुपये है, जो तय वित्तीय मानकों के भीतर रखा गया है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जितनी भी आलोचना कर ली जाए, आम कभी नीम नहीं बन सकता, यानी बजट को “खाली” बताना पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार यह बजट “भरा हुआ घड़ा” है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक गारंटी योजनाओं पर 1.31 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और सरकार इन योजनाओं को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ‘युवा निधि’ योजना बंद नहीं की गई है और इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। यह योजना बेरोजगार स्नातकों को 3,000 रुपये और डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये की सहायता देती है।
 
सिद्धारमैया ने अपने जवाब में यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार का फोकस सिर्फ आंकड़ों का संतुलन नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार लाना है।