श्रीनगर/नई दिल्ली
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी द्वारा चार स्पाइसजेट कर्मचारियों पर हमला करने का मामला सामने आया है। इस घटना में एक कर्मचारी की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि अन्य तीन को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
घटना 26 जुलाई को उस समय हुई जब लेफ्टिनेंट कर्नल आर.के. सिंह, जो वर्तमान में गुलमर्ग (बारामूला) स्थित हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में तैनात हैं, दिल्ली जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान में सवार होने वाले थे। अतिरिक्त सामान शुल्क को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उन्होंने कर्मचारियों पर लोहा स्टैंड और लात-घूंसे से हमला कर दिया।
श्रीनगर पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115 के तहत मामला दर्ज किया है, जो किसी को जानबूझकर चोट पहुंचाने से संबंधित है। वहीं लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह ने भी कर्मचारियों पर जवाबी शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने एयरलाइन कर्मचारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है।
सेना ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है, और जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। श्रीनगर स्थित रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने कहा, “भारतीय सेना अनुशासन और आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी आरोपों को गंभीरता से लेती है।”
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें अधिकारी को कर्मचारियों पर हमला करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि अधिकारी एक कर्मचारी को लोहे के स्टैंड से पीट रहे हैं।
स्पाइसजेट ने इस घटना को लेकर विस्तृत बयान जारी किया है। एयरलाइन के अनुसार, “हमारे चार कर्मचारियों पर जबरदस्त हमला किया गया। एक कर्मचारी की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया, जबकि दूसरे के जबड़े पर लात लगने से नाक और मुंह से खून बहने लगा। एक अन्य कर्मचारी हमले के दौरान बेहोश हो गया, फिर भी अधिकारी उसे लगातार पीटता रहा।”
एयरलाइन का कहना है कि आरोपी अधिकारी के पास दो केबिन बैग थे, जिनका कुल वजन 16 किलो था, जो नियमानुसार अधिक था। जब उन्हें अतिरिक्त सामान शुल्क देने को कहा गया तो उन्होंने इनकार कर दिया और बिना बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी किए जबरन एयरोब्रिज में घुसने की कोशिश की, जिसे CISF अधिकारी ने रोक दिया।
स्पाइसजेट ने नागर विमानन नियमों के तहत अधिकारी को नो-फ्लाई सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही नागर विमानन मंत्रालय को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के बाद अधिकारी को हिरासत में लिया गया या नहीं। हालांकि, एयरलाइन ने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दी है।
इस घटना के कुछ ही दिन बाद, इंडिगो एयरलाइंस ने भी मुंबई से कोलकाता जा रही उड़ान में एक सहयात्री को थप्पड़ मारने वाले यात्री को नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल कर दिया है।
यह घटना न केवल यात्री सुरक्षा और कर्मचारी सम्मान के सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि चाहे कोई भी पद पर हो, कानून सभी के लिए बराबर है। जांच के बाद सच सामने आएगा और उम्मीद की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।