Self-styled godman Kharat sent to judicial custody till May 12 in seventh Self-styled godman Kharat sent to judicial custody till May 12 in seventh sexual assault caseassault case
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नासिक की एक अदालत ने स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात को उसके खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के सातवें मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए 12 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
खरात पर कई महिलाओं का यौन शोषण करने और दैवीय शक्तियों और काले जादू का दावा करके बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने का आरोप है।
खरात के खिलाफ दर्ज कराई गई सातवीं प्राथमिकी में एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया था कि जब वह पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास गई तो उसने उसका यौन उत्पीड़न किया।
प्राथमिकी के मुताबिक खरात ने कथित तौर पर महिला को कुछ पीने के लिए दिया और उसके पति को कार्यालय के बाहर बैठने को कहा और उस दौरान महिला का यौन उत्पीड़न किया। साथ ही महिला को धमकी दी कि अगर उसने किसी को इसके बारे में बताया तो वह उसे जान से मार देगा।
अदालत ने सोमवार को खरात को इस मामले में बुधवार तक के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत में भेज दिया था। पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने पर उसे बुधवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया।
सुरक्षा कारणों से अदालत में खरात को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने खरात को न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया। बाद में अदालत ने पुलिस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उसे 12 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।