आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल के बिजली मंत्री के. कृष्णननकुट्टी ने बुधवार को राज्य में किसी भी तरह की बिजली कटौती से इनकार किया। उन्होंने यह दावा किया है कि बिजली के अत्याधिक उपयोग के कारण 'पावर ट्रिपिंग' (बिजली अचानक जाने से) की समस्या आ रही है। कृष्णननकुट्टी का यह बयान अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद आया है।
कृष्णननकुट्टी ने दावा किया कि बिजली के "अत्यधिक इस्तेमाल" के कारण 'पावर ट्रिपिंग' हो रही है, जिससे 5 से 10 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। उन्होंने राज्य विद्युत विनियामक आयोग के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, "फिलहाल राज्य में बिजली कटौती नहीं हो रही है।" हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में बिजली कटौती की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है।
मंत्री ने बताया कि राज्य को वर्तमान में 250 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई है और यदि अधिक आपूर्ति सुनिश्चित हो जाती है, तो भविष्य में कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा, "पिछले दिन हुई बारिश के कारण बिजली की कोई समस्या नहीं हुई। अधिक वर्षा होने पर इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा।" मंत्री ने हाल ही में कहा था कि बिजली का मौजूदा संकट अत्यधिक गर्मी और 'इंडक्शन', 'कुकर' तथा 'एयर कंडीशनर' के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पैदा हुआ है।
वहीं, बिजली संकट को लेकर विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के उस चुनावी दावे की कड़ी आलोचना की है, जिसमें एक दशक तक बिजली कटौती के बिना बिजली आपूर्ति करने का वादा किया गया था।
राज्य में बिजली आपूर्ति बाधित होने से नाराज उपभोक्ताओं ने देर रात केरल राज्य बिजली बोर्ड (केएसईबी) के स्थानीय कार्यालयों के बाहर धरना दिया। कोझिकोड और मलप्पुरम में भी बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन की घटना सामने आई।