नई दिल्ली।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा शुक्रवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गई। यात्रा को देखते हुए राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई सुरक्षा एजेंसियां हाईवे पर लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और सुचारु रूप से सुनिश्चित की जा सके।
वार्षिक यात्रा का काफिला सोमवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच राजौरी पहुंचा था। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने यात्रा मार्ग पर यातायात को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया है।
यातायात पुलिस के अधीक्षक फारूक कैसर ने बताया कि यात्रा का काफिला सुरक्षित तरीके से राजौरी पहुंचा। उनके मुताबिक काफिले में करीब 50 वाहन शामिल थे, जिनमें लगभग 42 बड़ी बसें थीं। इसके बावजूद राजौरी-पुंछ मार्ग पर यातायात सामान्य गति से चलता रहा।
उन्होंने बताया कि यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन एडवाइजरी को स्थानीय प्रिंट मीडिया, प्रसारण माध्यमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाया गया। व्हाट्सऐप समूहों के माध्यम से भी लोगों को यातायात और यात्रा से जुड़े निर्देशों की जानकारी दी जा रही है।
फारूक कैसर ने स्थानीय लोगों से अपील की कि यात्रा में शामिल श्रद्धालु उनके मेहमान हैं और उनके स्वागत तथा सुविधा का ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से भी यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करने और प्रशासन के निर्देशों का सहयोग करने की अपील की।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने यात्रा के सफल संचालन में स्थानीय समुदायों, नागरिक प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच हुए समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सामाजिक वर्गों का पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर यात्रा को सुचारु बनाने के लिए काम करना क्षेत्र की एकजुटता को दर्शाता है।
गुप्ता के मुताबिक प्रशासन की ओर से यात्रा के लिए व्यापक सहयोग दिया जा रहा है और सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों का रवैया सक्रिय रहा है। उन्होंने इसे क्षेत्र में सामाजिक समन्वय और एकता का उदाहरण भी बताया।
बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनकी आवाजाही को लेकर व्यापक तैयारियां की थीं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी के साथ यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन स्थानीय लोगों को भी लगातार सूचनाएं उपलब्ध करा रहा है। अधिकारियों का उद्देश्य है कि धार्मिक यात्रा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और आम नागरिकों के दैनिक आवागमन पर भी कम से कम असर पड़े।
बाबा बूढ़ा अमरनाथ मंदिर जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मंडी क्षेत्र में स्थित है। यह श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। हर साल देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां यात्रा के लिए पहुंचते हैं।
बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर के धार्मिक और सांस्कृतिक कैलेंडर का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इस वर्ष भी प्रशासन का जोर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बेहतर यातायात व्यवस्था और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने पर है। राजौरी और पुंछ में सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी निगरानी के बीच यात्रा आगे बढ़ रही है।