श्रीनगर | 12 फरवरी 2026
कश्मीर घाटी में आगामी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) वी. के. बर्डी ने बुधवार को श्रीनगर स्थित पुलिस नियंत्रण कक्ष में एक उच्च स्तरीय संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, खुफिया एजेंसियों, रेलवे सुरक्षा बल और कश्मीर जोन में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अधिकारियों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य घाटी में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य का आकलन करना और आगामी आयोजनों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रणनीति तैयार करना था। आईजीपी बर्डी ने सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सूचना साझा करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
बैठक के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, रेलवे परिसरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गश्त बढ़ाई जाए, निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आईजीपी ने सुरक्षा बलों की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी बल आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियों ने यह भरोसा दिलाया है कि घाटी में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा गया है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में समय-समय पर सुरक्षा समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं, विशेषकर राष्ट्रीय पर्वों, राजनीतिक कार्यक्रमों और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों से पहले। प्रशासन का कहना है कि जनता को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।
इस समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रशासन घाटी में सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए समन्वित रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।




