आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्र की श्रम संहिताओं के विरोध में श्रमिक संगठनों द्वारा बृहस्पतिवार को आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण केरल में जनजीवन प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर सामान्य गतिविधियां ठप हो गईं।
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हड़ताल के कारण किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की अनधिकृत अनुपस्थिति को ‘डाइज-नॉन’ माना जाएगा। ‘डाइज-नॉन’ उस दिन को संदर्भित करता है, जब कोई कर्मचारी बिना उचित अनुमति के अनुपस्थित रहता है।
आदेश के अनुसार, जो कर्मचारी या अधिकारी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होंगे, उनके वेतन से हड़ताल वाले दिन का वेतन काट लिया जाएगा।
इस आदेश के बावजूद परिवहन सेवाएं सड़कों से नदारद रहने के कारण सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति कम रहने की संभावना है।
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को व्यक्तिगत बीमारी, निकट संबंधी की बीमारी, परीक्षा, मातृत्व अवकाश या अन्य अपरिहार्य कारणों को छोड़कर अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
चौबीस घंटे की इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों के अलावा दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के भी बंद रहने की संभावना है।
हड़ताल के कारण परिवहन सेवाएं प्रभावित हुई हैं और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) तथा निजी बसें सड़कों से नदारत रहीं। ऑटो-रिक्शा यूनियन ने भी हड़ताल के दौरान सेवाएं नहीं देने की घोषणा की।
कोच्चि में एक यात्री ने संवाददाताओं से कहा, “मैं रात की ड्यूटी के बाद सुबह छह बजे से कंजिरामट्टोम लौटने के लिए केएसआरटीसी बस का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोई बस नहीं चल रही है। कुछ और घंटे इंतजार करने के बाद मैं रेलवे स्टेशन जाकर लोकल ट्रेन से अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश करूंगा।”
अन्य राज्यों से विभिन्न रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्री भी प्रभावित हुए। कुछ स्टेशन पर फंसे यात्रियों की सहायता के लिए पुलिस ने बसों की व्यवस्था की।
इस बीच, शबरिमला मंदिर में मीनम माह की पूजा के लिए बृहस्पतिवार शाम को कपाट खुलने के मद्देनजर केएसआरटीसी अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए तिरुवनंतपुरम, चेंगन्नूर, कोट्टायम, पथानमथिट्टा और तिरुवल्ला से पंपा तक कुछ बस सेवाएं संचालित की जाएंगी।
कोच्चि मेट्रो और ऑनलाइन टैक्सी सेवाएं चालू रहीं, जिससे शहर में यात्रियों को आंशिक राहत मिली।
सुबह तक हड़ताल के संबंध में किसी प्रकार की हिंसा की सूचना नहीं मिली थी, हालांकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए राज्यभर में पुलिस बल तैनात किया गया है।
श्रमिक संगठनों ने कहा कि सभी जिलों में रैलियां और बैठकें आयोजित की जाएंगी।