आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने 21 जून को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 पुन: परीक्षा कंप्यूटर के जरिये आयोजित कराने संबंधी याचिका को स्वीकार करने से सोमवार को इनकार कर दिया और कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पहले से ही कई समस्याओं का सामना कर रही है।
न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने राजद सांसद सुधाकर सिंह और अन्य की याचिका को 27 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए नीट-यूजी को मौजूदा कलम-कागज पद्धति के बजाय कंप्यूटर के जरिये आयोजित करने का आदेश देने से इनकार कर दिया।
एनटीए ने 12 मई को, प्रश्न पत्र लीक से जुड़े आरोपों के बीच मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए 3 मई को आयोजित नीट-यूजी को रद्द कर दिया था।
फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और 21 जून को फिर से परीक्षा होनी है।
पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील सत्यम सिंह राजपूत से कहा, ‘‘कंप्यूटर के जरिये पुन: परीक्षा आयोजित कराने का कोई सवाल ही नहीं है। उनके (एनटीए) पास पहले से ही बहुत सारी समस्याएं हैं। परीक्षा रद्द कर दी गई थी, और अब इसे फिर से आयोजित किया जा रहा है। या तो हम इस याचिका को अभी, या छुट्टियों के बाद खारिज कर दें।’’
शुरुआत में राजपूत ने कहा कि वे किसी अन्य अनुरोध पर जोर नहीं दे रहे हैं बल्कि यह केवल कंप्यूटर के जरिये पुन: परीक्षा आयोजित करने से संबंधित है।