बैंकों ने ईसीएलजीएस के तहत छोटे उद्यमों को 35,000 करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किए

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-06-2026
Banks sanction loans worth Rs 35,000 crore to small enterprises under ECLGS
Banks sanction loans worth Rs 35,000 crore to small enterprises under ECLGS

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 पश्चिम एशिया संघर्ष से प्रभावित सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों और उद्योगों को बैंकों ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 35,000 करोड़ रुपये के कर्ज स्वीकृत किए हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच मई को इसकी मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य 2.55 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज प्रदान करना है। इसमें मौजूदा वैश्विक संकट से प्रभावित एयरलाइन कंपनियों के लिए 5,000 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
 
वित्तीय सेवा विभाग के संयुक्त सचिव मनोज मुत्तथिल अयप्पन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि 29 मई तक बैंकों ने लगभग 80,000 आवेदनों को मंजूरी दी है। इनमें 35,194 करोड़ रुपये के ऋण शामिल हैं और 15,720 करोड़ रुपये की गारंटी जारी की गई है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि हमने एक अच्छा लक्ष्य हासिल कर लिया है, इसलिए उम्मीद है कि ग्राहकों को इस योजना से लाभ होगा...। पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और इसे पांच से सात दिन में पूरा किया जा सकता है।’’
 
अयप्पन ने कहा, ‘‘योजना को व्यापक रूप से उदार बनाया गया है, ताकि अधिकतम लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सके। केवल वे ग्राहक जो 31 मार्च, 2026 तक एसएमए 2 (विशेष उल्लेखित खाता) के तहत हैं, उन्हें योजना से बाहर रखा गया है।’’
 
एसएमए-2 के रूप में वर्गीकृत ग्राहक वे हैं, जिनका ऋण भुगतान (मूलधन या ब्याज) 60 दिन से अधिक और अधिकतम 90 दिन तक बकाया है ।
 
संयुक्त सचिव ने यह भी बताया कि अधिकतम लाभ प्रदान करने के लिए देश भर में ‘आउटरीच’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
 
कुल 18,100 करोड़ रुपये के व्यय वाली ईसीएलजीएस 5.0 योजना पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित एयरलाइंस और एमएसएमई की मदद करेगी।
 
योजना का उद्देश्य कंपनियों को बनाए रखने और रोजगार नुकसान को रोकने के लिए समय पर नकदी प्रदान करना है। यह निर्बाध घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा देगा और परिवेश को मजबूत बनाए रखेगा।
 
इस योजना के तहत, बैंक उनकी मौजूदा कार्यशील पूंजी पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण प्रदान कर सकते हैं।
 
इस योजना का उद्देश्य नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा सदस्य ऋण संस्थानों (एमएलआई) को एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत और गैर-एमएसएमई के लिए 90 प्रतिशत ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करना है। यह गारंटी पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर अल्पकालिक नकदी असंतुलन से निपटने के लिए पात्र उधारकर्ताओं को दी गई अतिरिक्त ऋण सुविधा के तहत चूक राशि के लिए है।
 
एयरलाइन क्षेत्र के लिए अवधि पहले वितरण की तिथि से सात वर्ष होगी। इसमें दो वर्ष का स्थगन शामिल है। एमएसएमई और गैर-एमएसएमई के लिए यह पहले वितरण की तिथि से पांच वर्ष होगी, जिसमें एक वर्ष का स्थगन शामिल है।
 
फरवरी में शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम) और एयरलाइन कंपनियों को भारी वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
 
ईसीएलजीएस को पहली बार मई, 2020 में कोरोना वायरस महामारी के दौरान आर्थिक संकट को कम करने के लिए पेश किया गया था।