Saudi Arabia shut down the pipeline after Houthi rebels seized the island.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सऊदी अरब ने शुक्रवार को कहा कि उसने ड्रोन हमले के एक दिन बाद एक प्रमुख तेल पाइपलाइन को बंद कर दिया है, वहीं यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित एक रणनीतिक द्वीप पर कब्जा कर लिया है।
अधिकारियों ने कहा कि इन दोनों घटनाओं को ईरान युद्ध में एक नए मोर्चे के तौर पर देखा जा रहा है।
हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास वर्षों में अपनी सबसे बड़ी क्षेत्रीय बढ़त हासिल की है। यह दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इस बढ़त से ईरान की उस रणनीति को बल मिल सकता है, जिसके तहत वह अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
सऊदी अरब ने कहा कि उसने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बंद कर दिया है। यह पाइपलाइन एक दिन पहले हमले का शिकार हुई थी। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने पाइपलाइन बंद करने के कदम को ‘‘एहतियाती’’ बताया।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने इस हमले के लिए इराक से आए कई ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया। सरकारी समाचार एजेंसी ‘सऊदी प्रेस एजेंसी’ में विदेश मंत्रालय के हवाले से जारी बयान में कहा गया कि वह जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा, ताकि इराकी सरकार को ‘‘जरूरी कदम उठाने का मौका’’ मिल सके।