ज्ञानवापी,कृष्ण जन्मभूमि,संभल मस्जिद विवाद में पक्षकारों ने न्यायालय की मध्यस्थता संबंधी पहल ठुकराई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-07-2026
 Sambhal Mosque disputes rejected the court's mediation initiative.
Sambhal Mosque disputes rejected the court's mediation initiative.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 उत्तर प्रदेश में तीन प्रमुख धार्मिक स्थल से जुड़े विवादों का अदालत के बाहर समाधान तलाशने के प्रयास जोर पकड़ने में विफल रहे हैं। ज्ञानवापी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह और शाही जामा मस्जिद मामलों में पक्षकार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मामलों का फैसला अदालतों द्वारा किया जाए।
 
उच्चतम न्यायालय ने 21, 22 और 23 अगस्त को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत से पहले मध्यस्थता के माध्यम से लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करने के लिए ‘देश भर में मध्यस्थता और विवादों के सामंजस्यपूर्ण समाधान के लिए उच्चतम न्यायालय का एक्शन’ (समाधान समारोह) शुरू किया है।
 
इस पहल के हिस्से के तहत कई लंबित मामलों में पक्षकारों को सौहार्दपूर्ण समाधान की संभावना तलाशने के लिए कहा गया है।
 
ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा कि उच्च्तम न्यायालय ने संभावित समाधान तलाशने के लिए दोनों पक्षों को 14 जुलाई को वाराणसी अदालत के मध्यस्थता केंद्र के सामने पेश होने के लिए कहा था।
 
हालांकि, यादव ने कहा कि हिंदू पक्ष चाहता है कि विवाद का फैसला कानूनी आधार पर ही हो।
 
उन्होंने कहा, ‘‘हमने फैसला किया है कि मंदिर हमारा है और मुस्लिम पक्ष अतिक्रमणकारी है। मस्जिद पक्ष को परिसर खाली कर देना चाहिए ताकि मूल ज्योतिर्लिंग स्थल पर एक भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर बनाया जा सके।’’
 
अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के सचिव मोहम्मद यासीन ने कहा कि देश भर में इसी तरह के हजारों विवाद लंबित हैं और संदेह है कि क्या मध्यस्थता से कोई समाधान निकलेगा।