आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय दल में शामिल किए गए पैरा तैराक तेजस नंदकुमार खिलाड़ियों के वर्गीकरण (क्लासिफिकेशन) से जुड़े विवाद के कारण प्रविष्टि निरस्त होने से 23 जुलाई से शुरू होने वाले इस बहु-खेल आयोजन में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
बीस वर्षीय नंदकुमार का नाम केंद्र सरकार द्वारा पिछले सप्ताह जारी भारतीय दल की सूची में शामिल था। उन्हें ग्लास्गो में पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस-7 स्पर्धा में उतरना था और प्रारंभिक स्तर पर आयोजकों ने उनकी प्रविष्टि स्वीकार भी कर ली थी।
पैरा तैराकी में एस-7 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है, जिनकी भुजाओं और धड़ का उपयोग सामान्य होता है, लेकिन पैरों की कार्यक्षमता सीमित होती है, दोनों पैरों का कुछ हिस्सा अनुपस्थित होता है अथवा चारों अंगों की गति प्रभावित होती है। नंदकुमार जन्मजात पैर संबंधी विकार से पीड़ित हैं और वर्ष 2023 के पैरा एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
स्थानीय आयोजन समिति ने नौ जुलाई को भेजे गए एक पत्र में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को सूचित किया कि 23 जून के बाद अंतरराष्ट्रीय महासंघ (आईएफ) की सत्यापन प्रक्रिया के उपरांत नंदकुमार अब प्रतियोगिता में भाग लेने के पात्र नहीं हैं।
ग्लास्गो 2026 की खेल प्रविष्टि एवं सूचना समन्वयक (ओशिनिया एवं एशिया) जॉर्जिया लैम्बर्ट ने पत्र में लिखा, ‘‘ आईएफ की सत्यापन प्रक्रिया (23 जून के बाद) के पश्चात खिलाड़ी (तेजस नंदकुमार) को ग्लास्गो 2026 की पैरा तैराकी प्रतियोगिता में राष्ट्रमंडल खेल संघ का प्रतिनिधित्व करने के लिए अयोग्य पाया गया है।’’
पत्र के मुताबिक, ‘‘ खिलाड़ी के पास खेल प्रविष्टियों की अंतिम तिथि 23 जून तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुष्ट खेल वर्गीकरण दर्जा या वर्ष 2027 अथवा उसके बाद की निर्धारित समीक्षा तिथि वाला वर्गीकरण होना अनिवार्य था। चूंकि तेजस का वर्गीकरण दर्जा आर-2025 है, इसलिए वह प्रतियोगिता में भाग लेने के पात्र नहीं हैं।’’
पैरा खेलों में वर्गीकरण प्रणाली यह तय करती है कि कौन-सा खिलाड़ी किसी स्पर्धा में भाग लेने का पात्र है और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए उसे किस वर्ग में रखा जाएगा।