चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है भारत : राजनाथ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-07-2026
India setting new standards in medical research: Rajnath
India setting new standards in medical research: Rajnath

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में भारत नए मानक स्थापित कर रहा है और साथ ही देश में जीन थेरेपी, परमाणु चिकित्सा तथा अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियों के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए स्वदेशी समाधान विकसित किए जा रहे हैं।
 
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारत की स्वास्थ्य प्रणाली पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर, सुलभ, किफायती, आधुनिक और जन-केंद्रित बनकर उभरी है।
 
लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘आज भारत जीन थेरेपी, परमाणु चिकित्सा और अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियों के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए स्वदेशी समाधान विकसित कर रहा है। चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में देश नए मानक स्थापित कर रहा है।’’
 
उन्होंने कहा कि केजीएमयू ने देश को अनेक ऐसे चिकित्सक दिए हैं, जिन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री और डॉ. बी. सी. रॉय पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है। इस संस्थान से जुड़े लोगों ने सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की अद्वितीय मिसाल पेश की है।
 
रक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति प्रोफेसर डॉ. सरोज चूरामणि गोपाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2024 में 79 वर्ष की आयु में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश लिया।
 
उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह संदेश मिलता है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।’’
 
सिंह ने कहा कि सरकार केवल उपचार पर ही नहीं, बल्कि रोगों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि सीएआर-टी (चिमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी कैंसर के उपचार में अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है।