Saluting the valour of the Army on Kargil Vijay Diwas.
द्रास (लद्दाख)।
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सेना ने शहीदों और वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए 25 और 26 जुलाई को द्रास में भव्य कार्यक्रमों की शुरुआत की है। इन आयोजनों का उद्देश्य वर्ष 1999 के ऑपरेशन विजय में भारतीय सैनिकों द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को याद करना तथा नई पीढ़ी को उनकी वीरगाथाओं से परिचित कराना है।
दो दिवसीय समारोह का मुख्य केंद्र द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक है, जहां देशभर से सेना के वरिष्ठ अधिकारी, युद्ध के पूर्व सैनिक, शहीदों के परिजन, वीर माताएं, वीरांगनाएं और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रमों का आयोजन द्रास के विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है, जिनमें अग्रिम चौकी क्षेत्र सैंडो टॉप भी शामिल है।
समारोह की शुरुआत शनिवार सुबह ‘युद्ध संस्मरण’ कार्यक्रम से हुई। इस दौरान 17 मिनट की एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसमें कारगिल युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले 40 वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। फिल्म के माध्यम से युद्ध के कठिन हालात, भारतीय सेना के साहसिक अभियान और शहीदों के अद्वितीय योगदान को दर्शाया गया।
इस अवसर पर ‘फॉरएवर इन ऑपरेशन्स डिवीजन’ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अमित प्रकाश सिंह सहित सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कारगिल युद्ध में हिस्सा लेने वाले पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों की उपस्थिति ने समारोह को भावनात्मक बना दिया।
गौरतलब है कि वर्ष 1999 में पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों द्वारा कारगिल की ऊंची चोटियों पर कब्जा करने के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय शुरू किया था। लगभग तीन महीने तक चले इस अभियान में भारतीय सैनिकों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुश्मन की भारी गोलीबारी के बावजूद असाधारण साहस का परिचय देते हुए सभी महत्वपूर्ण चोटियों पर दोबारा कब्जा कर लिया था। इसी ऐतिहासिक विजय की स्मृति में हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
शनिवार दोपहर द्रास के विश्वनाथन स्टेडियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें देशभक्ति गीत, लोकनृत्य और सैन्य बैंड की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर बैंड की संगीतमय प्रस्तुति से हुआ। इस अवसर पर फायर एंड फ्यूरी कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे मुख्य अतिथि रहे।
ऑपरेशन विजय की सफलता की याद में सेना ने 16 ग्रेनेडियर्स ऑफिसर्स मेस में विशेष ‘विजय भोज’ का आयोजन भी किया, जिसमें सेना के अधिकारी, पूर्व सैनिक और विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
शनिवार शाम कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित होने वाली ‘शौर्य संध्या’ समारोह इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर कारगिल के वीरों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया जाएगा।
रविवार को कारगिल युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित होगा, जिसमें शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम में ‘गौरव गाथा’ के माध्यम से ऑपरेशन विजय की महत्वपूर्ण घटनाओं और भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत को प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दौरान रक्षा मंत्री एक वर्चुअल वॉकथ्रू पोर्टल का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे देशभर के लोग डिजिटल माध्यम से कारगिल युद्ध स्मारक और उससे जुड़ी वीरगाथाओं का अनुभव कर सकेंगे।
समारोह का समापन ‘शौर्य विजय यात्रा’ के साथ होगा। यह मोटरसाइकिल रैली नई दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू होकर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक तक पहुंचेगी। यह यात्रा उन वीर सैनिकों के प्रति पूरे राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक होगी, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। भारतीय सेना का यह आयोजन न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, साहस और बलिदान की प्रेरणा देने का भी सशक्त माध्यम है।