Sajad Lone criticises Jammu and Kashmir reservation system, calls it 'racism in recruitment'
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पीपल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष और हंदवाड़ा के विधायक सज्जाद गनी लोन ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में आरक्षण व्यवस्था की आलोचना करते हुए इसे ‘भर्ती में नस्लभेद’ करार दिया।
उनकी यह टिप्पणी जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) और ‘जेएंडके अकाउंट्स’ (गजेटेड) कैडर में हाल में की गई नियुक्तियों के बाद आई है, जिनमें चयनित 55 अधिकारियों में से केवल 10 कश्मीर घाटी से हैं।
लोन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “ जेकेएएस और जेएंडके अकाउंट्स (गजेटेड) के चयनित 55 अधिकारियों में सिर्फ 10 कश्मीर घाटी से हैं। यानी 56 प्रतिशत की आबादी के अनुपात के मुकाबले, कश्मीर के लोगों को 18 प्रतिशत नौकरियां मिली हैं।”
लोन ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नियुक्ति पत्र बांटे जबकि ‘आदर्श स्थिति यह होती कि वह इससे दूर रहते।’
उन्होंने कहा, ‘‘यह भर्ती में भेदभाव है। और कश्मीर घाटी के निवासियों का उत्पीड़न है। यह कश्मीर घाटी के लोगों को कमजोर करने और उन्हें हाशिए पर धकेलने की एक रणनीति है।’’