आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद शुक्रवार को रुपये में जबरदस्त मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 81 पैसे की बढ़त के साथ 94.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने और विदेशी मुद्रा तरलता मजबूत करने के लिए आरबीआई द्वारा उठाए गए कदमों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसका सकारात्मक असर रुपये पर पड़ा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.72 पर खुला और कारोबार के दौरान 94.89 के उच्च स्तर तक पहुंचा। अंत में यह 94.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
आरबीआई ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी झटकों का सामना करने के लिए पर्याप्त है और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में सक्षम है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई की नई घोषणाओं से विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। इनमें सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के लिए नियमों में ढील, विदेशी मुद्रा जमा योजनाओं को समर्थन, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए विशेष प्रावधान तथा निर्यात प्राप्तियों की समयसीमा में बदलाव जैसे कदम शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपायों से डॉलर की उपलब्धता बढ़ेगी और रुपये को मजबूती मिलेगी। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के कारण महंगाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, फिर भी आरबीआई ने फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
नीतिगत फैसलों और विदेशी मुद्रा प्रबंधन से जुड़े उपायों के चलते शुक्रवार को रुपये ने डॉलर के मुकाबले मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा।