आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल सरकार इस साल 16 जुलाई को होने वाले रथ यात्रा उत्सव से पहले राज्य की 60 रथ यात्रा समितियों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राज्य की धार्मिक विरासत को संरक्षित करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘कोलकाता में हर साल कई रथ यात्रा समारोह आयोजित किए जाते हैं। लेकिन पिछली सरकार केवल पुलिसकर्मियों की तैनाती करके अपनी जिम्मेदारी पूरी कर देती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर हमारी सरकार ने इस वर्ष की रथ यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेने का निर्णय लिया है। सरकार ने 60 प्रतिष्ठित रथ यात्रा समितियों को पांच-पांच लाख रुपये का अनुदान देने का फैसला किया है। साथ ही, राज्य भर में लगने वाले 75 पारंपरिक रथ यात्रा मेलों में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सेवा केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि ये सेवा केंद्र उत्सव के दौरान मेलों में आने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि लाभार्थियों की सूची पहली बार तैयार की गई है। उन्होंने अपील की कि यदि कोई योग्य समिति छूट जाए तो कृपया सहयोग और समझदारी का परिचय दें।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस वर्ष की सूची में कोई त्रुटि हो, तो मैं सभी से क्षमाशील दृष्टिकोण अपनाने का अनुरोध करता हूं। हम आने वाले वर्षों में त्रुटिहीन सूची तैयार करेंगे। यह पहल आगे बढ़ेगी। आज लगाया गया पौधा कल एक विशाल वृक्ष बनेगा और अंततः एक परंपरा बन जाएगा।’’
मुख्यमंत्री वार्षिक रथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य सचिवालय में आयोजित समन्वय बैठक को संबोधित कर रहे थे।