रॉबर्ट वाद्रा ने HC से याचिका वापस ली

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-05-2026
Robert Vadra withdraws petition from HC
Robert Vadra withdraws petition from HC

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
कारोबारी रॉबर्ट वाद्रा ने हरियाणा के शिकोहपुर भूमि सौदे से जुड़े धनशोधन मामले में निचली अदालत के उस आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती देने वाली अपनी याचिका सोमवार को बिना किसी शर्त के वापस ले ली, जिसमें उन्हें समन जारी किया गया था।

न्यायमूर्ति मनोज जैन ने अपने आदेश में कहा, ‘‘याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने शुरुआत में ही कहा कि याचिकाकर्ता वर्तमान याचिका को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं रखते और वह इसे बिना किसी शर्त के वापस लेना चाहते हैं।’’
 
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा के पति रॉबर्ट वाद्रा के वकील ने कहा कि वह ‘उचित समय पर’ निचली अदालत के समक्ष ‘उचित दलील’ पेश करेंगे।
 
न्यायमूर्ति जैन ने कहा कि पक्षकारों के सभी अधिकार और दावे सुरक्षित रखे जाते हैं तथा याचिका का निस्तारण किया जाता है।
 
पिछले सप्ताह, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि यह गलत कानूनी आधार पर दायर की गई है।
 
एजेंसी ने वाद्रा के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी द्वारा दी गई दलील का जवाब देते हुए यह दावा किया। वाद्रा के वकील ने यह दलील दी थी कि ईडी का इस मामले की जांच का अधिकार क्षेत्र नहीं है क्योंकि याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज अपराध, उस समय धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत "अनुसूचित अपराध" नहीं थे।
 
हालांकि, ईडी के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता का दावा गलत है और यह कानून के संबंध में एक ‘पूर्णतः झूठा कथन’ है।
 
पंद्रह अप्रैल 2026 को, निचली अदालत ने जुलाई 2025 में ईडी द्वारा दाखिल आरोपपत्र में दर्ज अपराधों का संज्ञान लिया और वाद्रा व अन्य को 16 मई को उसके समक्ष पेश होने को कहा।
 
यह पहली बार था कि किसी जांच एजेंसी ने वाद्रा (57) के खिलाफ किसी आपराधिक मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था। अप्रैल 2025 में, ईडी ने उनसे लगातार तीन दिन तक पूछताछ की थी।
 
संज्ञान आदेश में, विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ​​ने कहा कि आरोप पत्र और दस्तावेजों की प्रथम दृष्टया व्यापक जांच से वाद्रा और आठ अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए पर्याप्त सामग्री का पता चला है।
 
वाद्रा के खिलाफ जांच गुरुग्राम जिले के मानेसर-शिकोहपुर (अब सेक्टर 83) में हुए भूमि सौदे से जुड़ी है।
 
यह सौदा फरवरी 2008 में स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया था, जिसमें वाद्रा पहले निदेशक रह चुके थे। इस सौदे के तहत कंपनी ने शिकोहपुर में 3.5 एकड़ जमीन ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी।