आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सूरत के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के 30 वर्षीय एक रेजिडेंट डॉक्टर ने कथित तौर पर रैगिंग के बाद आत्महत्या कर ली। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से रातभर जारी जांच के बाद चार वरिष्ठ डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया, जबकि माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख समेत चार संकाय सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मृतक की पहचान हर्ष पांड्या के रूप में हुई है, जो न्यू सिविल अस्पताल से संबद्ध जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्नातकोत्तर (पीजी) प्रथम वर्ष के छात्र थे। वह रविवार सुबह छात्रावास के कमरे में फंदे से लटके पाए गए।
जीएमसी के डीन डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट ने बताया कि उनकी मौत की जांच करने वाली रैगिंग रोधी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ छात्रों ने उन्हें भला-बुरा कहा था और अपमानित किया था।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने कहा कि घटना की वैज्ञानिक तरीकों से गहन जांच की जा रही है और मृतक के पिता, जो खुद भी एक डॉक्टर हैं, को न्याय का भरोसा दिया गया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, रैगिंग की घटना में शामिल पाए गए चार वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों- निराली वसावे, अनुज माहेश्वरी, दीक्षिता गेवड़िया और हिना भट को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है।