भूपेंद्र यादव के सहयोगियों को हटाने का कारण 'बहुत बड़ा घोटाला' : कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-07-2026
Removal of Bhupendra Yadav's associates a 'huge scam': Congress
Removal of Bhupendra Yadav's associates a 'huge scam': Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कांग्रेस ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के चार सहयोगियों को पद से हटाए जाने के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के पीछे कोई ‘‘बहुत बड़ा घोटाला’’ है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जून, 2025 से केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार द्वारा सरिस्का (अलवर के निकट) के ‘क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट’ (बाघ अभ्यारण) की सीमा का पुनर्निर्धारण करने के प्रयास किए गए।
 
पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने आरोप लगाया कि इससे 50 से अधिक खनन कंपनियों को दोबारा संचालन की अनुमति मिल सकती है, जबकि पहले इनकी गतिविधियां बंद कर दी गई थीं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘20 सितंबर 2025 को भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजे एक पत्र में अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में बदलाव के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था। एफएसआई का कहना था कि इससे क्षेत्र में खनन और रियल एस्टेट विकास का रास्ता खुल जाएगा।’’
 
रमेश ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति और न्यायालय के न्याय मित्र ने भी एफएसआई के रुख का समर्थन किया था, लेकिन इसके बावजूद मंत्रालय ने पुनर्परिभाषा का समर्थन किया।