भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को गुजरात और केरल के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के लिए भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं और प्रति घंटे 15 मिलीमीटर से अधिक वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
आईएमडी की जिला-स्तरीय नाउकास्ट चेतावनी के अनुसार, यह रेड अलर्ट शनिवार तड़के जारी किया गया और कुछ घंटों तक प्रभावी रहेगा। मौसम विभाग ने कहा कि खराब मौसम के दौरान बिजली गिरने, तेज़ हवाओं और जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
इन जिलों में रेड अलर्ट
केरल में अलप्पुझा, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं गुजरात में अहमदाबाद, आनंद, अरावली, भरूच, भावनगर, बोटाद, गांधीनगर, कच्छ, खेड़ा, महेसाणा, मोरबी, पाटन, साबरकांठा, सुरेंद्रनगर और वडोदरा जिलों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ऑरेंज अलर्ट भी जारी
आईएमडी ने गुजरात और केरल के अलावा महाराष्ट्र तथा असम के कई क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और प्रति घंटे 5 से 15 मिलीमीटर तक वर्षा होने की संभावना है।
केरल में कन्नूर, कासरगोड, कोल्लम, कोझिकोड, लक्षद्वीप, मलप्पुरम, पलक्कड़, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर और वायनाड ऑरेंज अलर्ट के दायरे में हैं।
गुजरात में अमरेली, बनासकांठा, छोटा उदयपुर, दादरा एवं नगर हवेली, दाहोद, दमन, डांग, देवभूमि द्वारका, दीव, गिर सोमनाथ, जामनगर, जूनागढ़, महिसागर, नर्मदा, नवसारी, पंचमहल, पोरबंदर, राजकोट, सूरत, तापी और वलसाड जिलों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है।
इसके अलावा महाराष्ट्र के नंदुरबार और असम के कछार, जोरहाट तथा लखीमपुर जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट लागू है।
नवसारी में बाढ़ जैसे हालात
गुजरात के नवसारी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिला कलेक्टर मनीष गुरवानी ने बताया कि सुबह 6 बजे से रात 8 बजे के बीच जिले में औसतन लगभग 7 इंच बारिश दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि वांसदा तालुका में सबसे अधिक 13 इंच बारिश हुई, जबकि नवसारी और खेरगाम में लगभग 8-8 इंच वर्षा दर्ज की गई।
जिले से होकर बहने वाली प्रमुख नदियों में जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। पूर्णा नदी खतरे के निशान 23 फीट के मुकाबले 25.5 फीट पर बह रही है, जबकि कावेरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान 19 फीट से बढ़कर 24 फीट पहुंच गया है। अंबिका नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है और प्रशासन इसकी निगरानी कर रहा है।
9,236 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 9,236 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। भारी वर्षा के कारण जिले में 188 सड़कें बंद कर दी गई हैं, जिनमें 9 राज्य मार्ग और 179 पंचायत सड़कें शामिल हैं।
स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की तीन टीमें, एनडीआरएफ की एक टीम और सेना की एक टुकड़ी को तैयार रखा गया है। एहतियात के तौर पर जिले के सभी स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव उपाय किए जाएंगे।