आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कार्यकाल में हुए विभिन्न भर्ती घोटालों के कारण राज्य की बदनामी हुई है और प्रदेश को इस स्थिति से बाहर निकाले जाने की जरूरत है।
शुभेंदु ने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुई इन अनियमितताओं के कारण कलकत्ता उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिससे पश्चिम बंगाल की साख को गहरा नुकसान पहुंचा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें अपने पश्चिम बंगाल को इस स्थिति से बाहर निकालना होगा।’’
शुभेंदु ने केंद्र सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि शिक्षा और बौद्धिकता के उच्च मानकों के लिए पहचाने जाने वाले पश्चिम बंगाल की स्कूल भर्ती और नगर निकाय भर्ती घोटालों के कारण ‘‘बदनामी’’ हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘परीक्षा केंद्र इस कदर बदनाम हो गए कि पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने राज्य में अपनी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करना बंद कर दिया।’’
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के युवाओं को बिहार, असम और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों में जाकर परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर करियर के सपने के साथ उन्हें पढ़ाते हैं, लेकिन तृणमूल सरकार के दौरान राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में भर्तियों में हुई अनियमितताओं ने उनके सपने चकनाचूर कर दिए।