Recruitment projected to grow by 4.7 per cent in the first half of FY 2026-27: Report
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ई-कॉमर्स, प्रौद्योगिकी स्टार्टअप, स्वास्थ्य सेवा, दवा व विनिर्माण क्षेत्रों में वृद्धि के कारण वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भारत में रोजगार में 4.7 प्रतिशत बढ़ोतरी होने का अनुमान है। एक रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
टीमलीज सर्विसेज की एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट (ईओआर) के अनुसार, भर्ती में सुधार का रुझान बड़ी कंपनियों में सबसे अधिक दिखाई दे रहा है, जहां 74 प्रतिशत कंपनियों ने विस्तार का संकेत दिया है। इसके मुकाबले मध्यम आकार की कंपनियों में यह आंकड़ा 57 प्रतिशत और छोटे व्यवसायों में 38 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि रोजगार वृद्धि में बड़े पैमाने पर संचालित कंपनियों की भूमिका अहम है।
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-सितंबर 2026 की अवधि में रोजगार मांग में यह रुझान डिजिटल व पारंपरिक दोनों अर्थव्यवस्था क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।
इसमें कहा गया कि ई-कॉमर्स व प्रौद्योगिकी स्टार्टअप क्षेत्र में नेट एम्प्लॉयमेंट चेंज (एनईसी) 8.9 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक रहेंगे। इसके बाद सात प्रतिशत के साथ स्वास्थ्य सेवा व दवा क्षेत्र और 6.6 प्रतिशत के साथ विनिर्माण, इंजीनियरिंग एवं अवसंरचना क्षेत्र का स्थान रहेगा।
रिपोर्ट में इस अवधि में कुल एनईसी 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।
यह रिपोर्ट 23 उद्योगों एवं 20 शहरों में 1,268 नियोक्ताओं से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। यह सर्वेक्षण नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच किया गया था।
टीमलीज सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालासुब्रमण्यम ए. ने कहा, ‘‘ भारत में कार्यबल की गतिशीलता अब चक्रीय मांग की बजाय संरचनात्मक एवं नीतिगत बदलावों से अधिक प्रभावित हो रही है। श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद 64 प्रतिशत संगठनों ने रोजगार लागत बढ़ने की बात कही है और 80 प्रतिशत कंपनियां वेतन संरचना में बदलाव कर रही हैं। कंपनियां नए कानूनी ढांचे के अनुरूप अपने कार्यबल मॉडल को पुनर्गठित कर रही हैं।’’