शबरीमला घी बिक्री मामले की दोबारा जांच

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-07-2026
Re-investigation of Sabarimala ghee sale case
Re-investigation of Sabarimala ghee sale case

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
केरल सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया है कि शबरिमला मंदिर में श्रद्धालुओं को वितरित किए जाने वाले पवित्र प्रसाद ‘आदिया सिष्टम घी’ की बिक्री में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के कर्मचारियों द्वारा धन के कथित गबन के मामले में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया जाना चाहिए या नहीं, इसका पुनर्मूल्यांकन करने के लिए सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पद के एक अधिकारी को नियुक्त किया गया है।
 
न्यायमूर्ति राजा विजयाराघवन वी. और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की पीठ ने सरकार की इस जानकारी पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि वह लेखा परीक्षा (ऑडिट) विभाग और मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी की रिपोर्ट सहित सभी अभिलेखों की जांच करे तथा मामले की विस्तृत पड़ताल करे।
 
अदालत ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, विशेष प्रकोष्ठ एर्नाकुलम के पुलिस अधीक्षक एवं आईपीएस अधिकारी एम. जे. सोजन को निर्देश दिया कि वह 23 सितंबर तक अदालत में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करें। अदालत ने उन्हें अनुरोध के अनुसार दो महीने का समय भी प्रदान किया।
 
अधिकारी ने आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी तय करने सहित कुछ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए समय मांगा था।
 
पीठ ने नौ जून को ‘आदिया सिष्टम घी’ की बिक्री से जुड़े धन के कथित गबन के मामले में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड के कर्मचारियों के खिलाफ आरोपों का स्वतंत्र रूप से पुनर्मूल्यांकन करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इस अधिकारी की नियुक्ति की गई।
 
अदालत ने इस मामले में वीएसीबी की रिपोर्ट पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा था कि एजेंसी के निष्कर्षों से ऐसा प्रतीत होता है कि बोर्ड को हुए नुकसान की गंभीरता को कम करके आंका गया है