आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य पुलिस के निलंबित उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) हरचरण सिंह भुल्लर और उनसे कथित तौर पर जुड़े संगठनों के खिलाफ धन शोधन जांच के तहत सोमवार को पंजाब में कई स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में आरोपी, उसके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामीदारों (वे मालिक जिनके नाम पर बेनामी संपत्ति है) से जुड़े लगभग 11 परिसर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच में शामिल किया जा रहा है।
केंद्रीय अर्धसैनिक बल के कर्मियों की टीम ने छापेमारी में जुटी एजेंसी की टीमों को सुरक्षा प्रदान की। एजेंसी ने हाल ही में इस जांच को शुरू करने के लिए ‘प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट’ (ईसीआईआर) दाखिल की है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भुल्लर के खिलाफ दर्ज किए गए एक मामले पर आधारित है, जिसमें उन पर एक आपराधिक मामले के निपटारे के लिए एक बिचौलिए के माध्यम से रिश्वत मांगने और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति का आरोप है।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य कथित अपराध से प्राप्त धनराशि का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और धन शोधन से संबंधित सबूत जुटाना है।
भुल्लर पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर रोपड़ में तैनात थे, जब उनको सीबीआई ने अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया था। एक कबाड़ व्यापारी ने आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारी ने उसके खिलाफ एक मामले को निपटाने के लिए बिचौलिए के माध्यम से उससे रिश्वत की मांग की थी।
इसके बाद सीबीआई ने चंडीगढ़ में जाल बिछाया और दलाल को उस समय गिरफ्तार किया जब वह कथित तौर पर आठ लाख रुपये की रिश्वत राशि में से पांच लाख रुपये ले रहा था।