रथयात्रा: ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के बीच पुरी में रथ खींचने की प्रक्रिया फिर शुरू हुई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-07-2026
Rath Yatra: Chariot pulling process resumes in Puri amid chants of 'Jai Jagannath'
Rath Yatra: Chariot pulling process resumes in Puri amid chants of 'Jai Jagannath'

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
ओडिशा के पुरी में वार्षिक रथ यात्रा उत्सव के तहत भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों के रथों की शुक्रवार को गुंडिचा मंदिर की ओर यात्रा फिर से शुरू हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को ‘पहंडी’ की प्रक्रिया में देरी के कारण तीनों में से कोई भी रथ 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर तक नहीं पहुंच पाया था।
 
देवता रात भर रथों पर ही रहे।
 
‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के बीच शुक्रवार सुबह लाखों भक्तों ने तीनों देवताओं - भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथों को खींचना शुरू किया।
 
भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों के मुख्य सेवक माने जाने वाले गजपति महाराजा दिब्यसिंह देब ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘निर्धारित रथ यात्रा के अगले दिन रथ खींचने में कोई बुराई नहीं है। कई बार रथ तय समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते थे और उन्हें अगले दिन खींचा जाता था। अंधेरा होने के कारण बृहस्पतिवार को रथ खींचने की प्रक्रिया रोक दी गई थी।’’
 
भगवान बलभद्र का ‘तालध्वज’ रथ ग्रैंड रोड पर लगभग 700 मीटर की दूरी तय करने के बाद मार्केट चौक पर रुक गया था।