Ram temple 'offering theft' controversy should not be made an issue in UP elections: VHP
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शनिवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर पैदा हुआ विवाद अब समाप्त हो जाना चाहिए और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इसका राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध संगठन ने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दाखिल आरोपपत्र में मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों या उसके न्यास के सदस्यों की ओर से किसी गड़बड़ी का पता नहीं चला है।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक वीडियो जारी कर कहा कि चढ़ावे की गिनती का जिम्मा संभालने वाले कुछ लोगों ने अपराध किया और वे अब जेल में हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा कोई अन्य अनियमितता नहीं हुई। बाकी हिसाब-किताब भी दुरुस्त है। भगवान राम को अर्पित सभी बहुमूल्य वस्तुएं सुरक्षित हैं और उनका उचित हिसाब रखा गया है। न्यासियों की ओर से किसी गड़बड़ी या अपराध का पता नहीं चला है।’’
विहिप ने कहा कि जांच के बाद दाखिल करीब 70,000 पन्नों के आरोपपत्र से न्यासियों, न्यास के महासचिव, हिंदू अभियान, विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और मंदिर प्रबंधन को बदनाम करने की सभी ‘‘साजिशों’’ का पर्दाफाश हो गया है।