आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अयोध्या आने और मंदिर में दर्शन और प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित किया है।
मिश्र ने संवाददाताओं से कहा कि ट्रस्ट के सदस्यों ने हाल ही में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की और अयोध्या आने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
मिश्र ने कहा, "ट्रस्ट के सदस्यों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें राम मंदिर आने के लिए आमंत्रित किया। हमें उम्मीद है कि शायद मार्च में वह अपने कार्यक्रम में कोई तारीख तय कर पाएंगी। हालांकि हमें कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन हमें अनौपचारिक रूप से पता चला है कि वह सहमत हो गई हैं।"
मिश्र ने रामायण से संबंधित प्राचीन पांडुलिपियों के बारे में भी जानकारी दी, जिन्हें मंदिर परिसर में रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (नयी दिल्ली) ने ट्रस्ट को एक दुर्लभ 400 साल पुरानी पांडुलिपि भेंट की है, जिसमें प्राचीन संस्कृत लिपि में वाल्मीकि के शब्द लिखे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यह पांडुलिपि पहले राष्ट्रपति भवन संग्रहालय को दी गई थी, लेकिन यह जानने के बाद कि अयोध्या मंदिर की दूसरी मंजिल पर रामायण से संबंधित साहित्य के लिए एक विशेष जगह होगी, विश्वविद्यालय ने ट्रस्ट के अनुरोध पर पांडुलिपि को स्थायी रूप से भेंट करने का फैसला किया।