आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास के खिलाफ कथित तौर पर भाजपा सांसद सुष्मिता देव की अपमानजनक टिप्पणी को लेकर बुधवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते सदन की कार्यवाही शुरू होने के बीस मिनट बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
हंगामे के कारण उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए।
पूर्वाह्न 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने के बाद सदन के पटल पर सूचीबद्ध दस्तावेज रखे गए। इसके तुरंत बाद ब्रिटास ने यह मुद्दा उठाया कि सत्ता पक्ष की एक सदस्य ने उन्हें ‘‘लुंगीवाला’’ कहकर निशाना बनाया।
अपना पक्ष रखने की अनुमति मिलने के बाद ब्रिटास ने कहा कि सोमवार दोपहर जब वह आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के खिलाफ सांविधिक प्रस्ताव पेश कर रहे थे, तब भाजपा सांसद अपनी निर्धारित सीट छोड़कर उनके ठीक पीछे वाली सीट पर आ गई थीं।
ब्रिटास ने नाम लिए बिना आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने मुझे बार-बार लुंगीवाला कहा।’’
विपक्षी सदस्यों ने ब्रिटास का समर्थन किया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि जब यह कथित घटना हुई थी तब वह सदन में मौजूद थे। उन्होंने सभापति से अनुरोध किया कि वह संबद्ध सदस्यों को अपने कक्ष में बुलाएं और उनकी बात सुन कर समाधान निकालें।
सभापति सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि सदन में एक सदस्य द्वारा दूसरे सदस्य के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणी करने का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को टिप्पणियां करते समय यह बात ध्यान में रखना चाहिए कि किसी की भावनाएं आहत न हों।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति अनूठी है और विविधता में एकता हमारी विशेषता है जो बनी रहना चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘किसी की संस्कृति को लेकर कोई भी आहत करने वाली बात कहना ठीक नहीं है।’’