Rajouri's PHC Mogla becomes a lifeline for remote villages.
राजौरी (जम्मू-कश्मीर)।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के कालाकोट उपखंड के दूरस्थ मोगला ब्लॉक में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मोगला आज आसपास के दुर्गम और पहाड़ी गांवों के हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। आधुनिक सुविधाओं, मुफ्त दवाओं और बेहतर चिकित्सा सेवाओं के कारण अब लोगों को मामूली इलाज के लिए भी कई किलोमीटर दूर अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।
मोगला ब्लॉक में नारला, कोटे चरवाल, चक मिथ्यानी, ओधन, खवास, तरयाथ सहित कई दुर्गम पंचायतें और गांव शामिल हैं। खराब सड़कें और सीमित परिवहन सुविधाओं के कारण यहां के लोगों को पहले इलाज के लिए घंटों की यात्रा करनी पड़ती थी। अब पीएचसी मोगला ने इस समस्या को काफी हद तक कम कर दिया है।
एक ही छत के नीचे मिल रही स्वास्थ्य सेवाएं
स्थानीय लोगों के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र में अब मरीजों को मुफ्त दवाएं, जांच सुविधाएं और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे लोगों का समय और इलाज पर होने वाला खर्च दोनों कम हुए हैं।
विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्वास्थ्य केंद्र बड़ी राहत साबित हो रहा है।
पोर्टेबल एक्स-रे मशीन बनी बड़ी सुविधा
अस्पताल में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसकी मदद से डॉक्टर गंभीर मरीजों का बिस्तर पर ही एक्स-रे कर सकते हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। ऐसे मामलों में मरीजों को पहले दूर के अस्पताल ले जाना पड़ता था, लेकिन अब प्राथमिक जांच और उपचार स्थानीय स्तर पर ही संभव हो पा रहा है।
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
पीएचसी मोगला में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। पहले गर्भवती महिलाओं को प्रसव और इलाज के लिए कालाकोट, सुंदरबनी या गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) राजौरी भेजना पड़ता था।
अब अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से कई सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
स्थानीय लोगों ने की अस्पताल की सराहना
क्षेत्र के निवासियों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की कार्यशैली की प्रशंसा की है। लोगों ने विशेष रूप से जोनल मेडिकल ऑफिसर (ZMO) डॉ. शौकत हुसैन बंडे की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से उनकी सेवाओं और समर्पण ने इलाके की स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार किया है।
स्थानीय निवासी दिलीप सिंह ने कहा कि पहले सामान्य इलाज के लिए भी कालाकोट, सुंदरबनी या जीएमसी राजौरी जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। अब अधिकांश जरूरी दवाएं और जांच पीएचसी मोगला में ही उपलब्ध हैं।
समय और पैसे दोनों की बचत
एक अन्य निवासी अब्दुल लतीफ ने बताया कि पहले मामूली बीमारी या नियमित जांच के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब मुफ्त दवाएं और बुनियादी जांच स्थानीय स्तर पर मिलने से लोगों का समय और आर्थिक बोझ दोनों कम हुए हैं।
वहीं मोहम्मद अल्ताफ ने कहा कि दूर-दराज के पहाड़ी गांवों में रहने वाले लोगों के लिए आपातकालीन चिकित्सा सहायता पहले सबसे बड़ी चुनौती थी। अब बेडसाइड एक्स-रे, जांच और दवाओं की सुविधा मिलने से मरीजों को तत्काल राहत मिल रही है।
ग्रामीणों के लिए वरदान बना स्वास्थ्य केंद्र
जोनल मेडिकल ऑफिसर डॉ. शौकत हुसैन बंडे ने कहा कि पीएचसी मोगला का उद्देश्य दूरस्थ और दुर्गम पंचायतों के लोगों को एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि पोर्टेबल एक्स-रे, बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और मुफ्त दवाओं की उपलब्धता से गंभीर मरीजों को दूर के अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता काफी कम हुई है।
स्थानीय निवासी हाजी नजीर हुसैन ने भी कहा कि उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से विशेष रूप से बुजुर्गों और दूरस्थ गांवों में रहने वाले परिवारों को बड़ी राहत मिली है। उनके अनुसार, वर्षों तक स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब पीएचसी मोगला क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा की एक मजबूत और भरोसेमंद जीवनरेखा बन चुका है।