Rajeev Chandrasekhar targets the UDF government over irregularities in PSC recruitment
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर लोक सेवा आयोग (पीएससी) की भर्ती में कथित गड़बड़ियों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया और इसकी तुलना राष्ट्रीय स्तर पर पेपर लीक की शिकायतों से निपटने के लिए अपनाए गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तरीकों से की।
फेसबुक पर एक पोस्ट में चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि पिछली मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सरकार ने कथित तौर पर पिछले दरवाजे से नियुक्तियां करके, मेधा सूची में हेरफेर करके और भ्रष्ट अधिकारियों को बचाकर राज्य लोक सेवा आयोग के उन हजारों अभ्यर्थियों को न्याय से वंचित रखा, जिन्होंने असल में मेधा सूची में स्थान बनाया था।
उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा पीएससी अध्यक्ष डॉ. एम.आर. बैजू को पिछली पिनराई विजयन सरकार ने नियुक्त किया था।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार आरोपों के बावजूद कार्रवाई करने में विफल रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि अगर सरकार न्याय सुनिश्चित करने को लेकर गंभीर होती, तो उसे बिना देरी किए न्यायिक जांच का आदेश देना चाहिए था।
परीक्षा से जुड़ी शिकायतों पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया की तुलना करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि जब युवाओं ने प्रश्नपत्र लीक को लेकर चिंता जताई, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी बात सुनी और निर्णायक कार्रवाई की।
उन्होंने आरोप लगाया कि केरल लोक सेवा आयोग से जुड़े ‘बड़े घोटाले’ के बावजूद, कांग्रेस सरकार लोक सेवा आयोग की मेधा सूची में स्थान बनाने वालों की शिकायतें सुनने को भी तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा केरल के युवाओं के साथ खड़ी रहेगी और योग्यता, पारदर्शिता और न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेगी।