Rajasthan: Illegal properties of those accused of trafficking a minor girl demolished
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राजस्थान के अजमेर में पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने नाबालिग बच्ची की खरीद-फरोख्त के आरोपियों की अवैध निर्माण ढहाने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार दरगाह थानाक्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची को 32 हजार रुपये में बेचे जाने के गंभीर मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित अचल संपत्तियों और अतिक्रमणों को ध्वस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया कि पुलिस एवं प्रशासन की टीम ने आरोपियों के रिकॉर्ड खंगालने के बाद उनके ठिकानों पर बुलडोजर और हथौड़े चलाने की प्रक्रिया शुरू की।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान मौके पर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिसबल तैनात किया गया है तथा पुलिस और नगर निगम/प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
अगरवाला ने बताया कि प्रकरण में शामिल दो प्रमुख महिला आरोपियों --अफसाना उर्फ बिजली (36) और आफरीन उर्फ नूरजहां (36) अजमेर के खिलाफ चल-अचल संपत्तियों की जांच कर यह सीधी कार्रवाई की गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत कार्रवाई की। इसके तहत आरोपियों द्वारा अपराध से अर्जित संपत्तियों, उनके बैंक खातों और अवैध कब्जों का ब्योरा जुटाया गया है। संबंधित प्रशासनिक विभागों से समन्वय स्थापित कर उनके द्वारा सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों और बिना स्वीकृति बने ढांचों को नियमानुसार ध्वस्त और जब्त किया जा रहा है।