आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर नगर निगम के एक सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) के ठिकानों पर शुक्रवार को छापे मारे और उसकी वैध आय की तुलना में तीन गुना से अधिक संपत्तियों का खुलासा किया।
पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) जितेंद्र कुमार पाण्डेय के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत पर उनके इंदौर स्थित दो ठिकानों पर छापे मारे गए।
सहाय ने बताया कि छापों में 2,000 वर्ग फुट के भूखंड पर पाण्डेय की पत्नी के नाम से बना चार मंजिला मकान मिला है, जिसके निर्माण पर लगभग 1.20 करोड़ रुपये का व्यय आंका गया है।
उन्होंने बताया कि एआरओ की पत्नी के नाम से ही निर्मित एक अन्य तीन मंजिला भवन में छात्रावास संचालित पाया गया जिसके निर्माण पर करीब 91.50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छापों में एआरओ द्वारा अपनी पत्नी, पुत्र और पुत्री के नाम से चार पहिया एवं दो पहिया वाहन खरीदने और अन्य मदों पर करीब 14 लाख रुपये व्यय किए जाने का भी पता चला है।
सहाय ने बताया, "पाण्डेय को अपने 31 वर्ष के सेवाकाल में वेतन से कुल अनुमानित आय लगभग 80 लाख रुपये प्राप्त हुई, जबकि शुरुआती जांच में उनके द्वारा करीब 2.53 करोड़ रुपये का कुल व्यय और निवेश सामने आया है।"
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एआरओ के ठिकानों पर छापे जारी हैं और जब्त दस्तावेजों व संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।