आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं रायबरेली से सांसद राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में बुधवार को एमपी-एमएलए अदालत में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 311 से संबंधित आवेदन पर बहस हुई। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रखते हुए दो मई को फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की है।
राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय द्वारा दायर धारा 311 के आवेदन पर अदालत में बहस हुई। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय के लिए अगली तारीख दो मई तय की। पिछली सुनवाई 17 अप्रैल को हुई थी।
इससे पूर्व 28 मार्च की सुनवाई में वादी पक्ष ने राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने और उसकी फोरेंसिक जांच कराने की मांग की थी। इसके लिए सीआरपीसी की धारा 311 सहपठित धारा 91 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें आवाज के नमूने का मिलान पहले से दाखिल सीडी से, विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेन्सिक लैब) में कराने का अनुरोध किया गया था। इस मांग का राहुल गांधी के अधिवक्ताओं ने विरोध किया था।
यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा द्वारा अक्टूबर 2018 में दर्ज कराया गया था। इस प्रकरण में राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत प्रदान की थी।