आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं 1984 में तेदेपा संस्थापक एन टी रामाराव के खिलाफ तख्तापलट का नेतृत्व करने वाले एन भास्कर राव का बुधवार को यहां निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे।
जन सेना पार्टी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, भास्कर राव वृद्धावस्था संबंधी समस्याओं के चलते यहां एक सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती थे।
उनके पुत्र एवं जन सेना के प्रमुख नेता नादेंदा मनोहर वर्तमान में आंध्र प्रदेश के नागरिक आपूर्ति मंत्री हैं।
एन टी रामाराव के मंत्रिमंडल में मंत्री रहे भास्कर राव बगावत कर खुद मुख्यमंत्री बन गए थे।
हालांकि, भास्कर राव केवल एक महीने तक ही मुख्यमंत्री रह पाए क्योंकि तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) द्वारा चलाए गए ‘लोकतंत्र बचाओ’ आंदोलन के बाद एनटीआर फिर से मुख्यमंत्री बन गए।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने एनटीआर को मुख्यमंत्री के रूप में बहाल करने के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
भास्कर राव बाद में 1998 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा के लिए चुने गए।
हालांकि, वह 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए थे।
राव का पार्थिव शरीर उनके जुबली हिल्स स्थित आवास में रखा जाएगा ताकि मित्र, रिश्तेदार, प्रशंसक और शुभचिंतक उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि उनका अंतिम संस्कार 24 अप्रैल को हैदराबाद के पंजागुट्टा में किया जाएगा।