आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के अधिकारियों ने पंजाब के फिरोजपुर स्थित एक मंदिर द्वारा समय से पहले रथ यात्रा आयोजित करने के फैसले का विरोध किया है।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अरबिंद पाधी ने फिरोजपुर जिला प्रशासन से 23 मई को प्रस्तावित रथ यात्रा को रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह शास्त्रों का उल्लंघन है, जिससे भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
उन्होंने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी।
फिरोजपुर की जिलाधिकारी दीपशिखा शर्मा को लिखे पत्र में एसजेटीए के मुख्य प्रशासक ने फिरोजपुर छावनी के जगन्नाथ मंदिर में अलग-अलग तारीखों पर रथ यात्रा आयोजित करने के मामले को ‘‘संवेदनशील’’ बताया।
पाधी ने पत्र में कहा, ‘‘भगवान श्री जगन्नाथ से जुड़ी ‘तिथि’ और स्थापित रीति-रिवाजों के अनुसार इस वर्ष रथ यात्रा 16 जुलाई को निकाली जानी है।’’
एसजेटीए ने यह भी कहा कि पुरी के गजपति महाराजा की अध्यक्षता में पुरी जगन्नाथ मंदिर की प्रबंध समिति द्वारा अपनाए गए प्रस्तावों के तहत उसने इस तरह के असमय अनुष्ठानों पर लगातार अपनी कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।
सोमवार को भी एसजेटीए ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के अधिकारियों को 14 जून को रथ यात्रा आयोजित करने के प्रस्ताव का विरोध जताते हुए पत्र लिखा था।