निलंबन विवाद के बीच बालोगुन रहे बेअसर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 07-07-2026
Balogun remains ineffective amid suspension controversy
Balogun remains ineffective amid suspension controversy

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन की मैदान पर मौजूदगी ने जितनी सुर्खियां बटोरीं, उनका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा और अमेरिका को सोमवार को खेले गए मुकाबले में बेल्जियम के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।

इस विश्व कप में तीन गोल करने वाले बालोगुन बेल्जियम के खिलाफ कोई गोल नहीं कर सके।
 
पच्चीस साल के इस खिलाड़ी को बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ पिछले मैच में ‘रेड कार्ड’ मिलने के कारण उन पर अगले मुकाबले का स्वतः प्रतिबंध लग गया था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद फीफा ने उनका निलंबन हटाते हुए उन्हें बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति दे दी।
 
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने कहा कि अनुशासन समिति के फैसले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। समिति ने बालोगुन पर 40,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी लगाया, जिसका भुगतान अमेरिकी फुटबॉल महासंघ (यूएसएसएफ) कर सकता है।
 
इन्फैन्टिनो बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला देखने के लिए स्टेडियम में मौजूद थे। उन्होंने वीआईपी बॉक्स में बेल्जियम फुटबॉल महासंघ की अध्यक्ष पास्कल वान डामे और यूएसएसएफ की अध्यक्ष सिंडी पारलो कोन के साथ मैच देखा। वहीं अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन भी पास की सीट पर मौजूद थे।
 
फीफा के इस फैसले ने विश्व फुटबॉल में तीखी बहस छेड़ दी। यूरोपीय फुटबॉल महासंघ (यूईएफए) ने इसे खेल की निष्पक्षता के लिए खतरा बताते हुए कहा कि फीफा ने ‘सीमा लांघ दी’, जबकि बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने भी बालोगुन की पात्रता को चुनौती दी।